अमित शाह ने उत्तराखंड को दी 1,129 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, 17 प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन

Mar 08, 2026 09:30 am ISTSourabh Jain एएनआई, हरिद्वारा, उत्तराखंड
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अमित शाह ने कहा, ‘उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय साल 2014 में 1.25 लाख रुपए थी, जो आज बढ़कर 2.60 लाख रुपए हो गई है। जबकि राज्य का GSDP 1.5 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है।’

अमित शाह ने उत्तराखंड को दी 1,129 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, 17 प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड में धामी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर 1,129.91 करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 1,014.81 करोड़ रुपए की लागत वाली 22 परियोजनाओं का शिलान्यास किया, वहीं 115.10 करोड़ रुपए की लागत वाली 17 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की आर्थिक प्रगति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, साथ ही पुलिसकर्मियों के बीच नियुक्ति पत्र, CAA के तहत प्रमाण पत्र भी दिए और 'ई-जीरो FIR' सिस्टम की शुरुआत भी की।

'यूपीए सरकार में मिले थे मात्र 54 हजार करोड़ रुपए'

कार्यक्रम में शाह ने यूपीए सरकार के दौरान उत्तराखंड के साथ भेदभाव होने का आरोप लगाते हुए बताया कि साल 2004 से 2014 के बीच, राज्य को केंद्र सरकार से केवल 54,000 करोड़ रुपए ही मिले, जबकि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद साल 2014 से अबतक राज्य को 1.87 लाख करोड़ रुपए मिल चुके हैं। इसके अलावा ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास जैसी परियोजनाओं में भी हजारों करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है।

'प्रति व्यक्ति आय 1.25 लाख से बढ़कर 2.6 लाख रुपए हुई'

आगे उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय साल 2014 में 1.25 लाख रुपए थी, जो आज बढ़कर 2.60 लाख रुपए हो गई है। जबकि राज्य का GSDP 1.5 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

1900 कांस्टेबलों को मिले नियुक्ति पत्र

इस मौके पर गृहमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल के तौर पर नियुक्ति पत्र पाने वाले करीब 1,900 युवाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सरकारी नौकरियां अब बिना किसी भ्रष्टाचार या गलत तरीकों के दी जा रही हैं। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लाए गए सख्त एंटी-कॉपी कानून की वजह से मुमकिन हुआ है, जिससे भर्ती में ट्रांसपेरेंसी पक्की हुई है।

CAA के तहत प्रमाण पत्र भी वितरित किए

इसके अलावा, कार्यक्रम में उस वक्त एक भावुक मौका आया जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र भी दिए गए। नागरिकता सर्टिफिकेट पाने वालों में बलूचिस्तान के पवित्र हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी परिवार से जुड़े शैलेश भी शामिल रहे, उनके अलावा पाकिस्तान के भट्टग्राम के जसपाल कुमार और कराची के दुर्गनाथ टी.राजपूत भी शामिल रहे। इसके अलावा अफगानिस्तान से आईं हंसेरी बाई को भी भारतीय नागरिकता दी गई।

'ई-जीरो FIR' सिस्टम की शुरुआत

इस मौके पर गृह मंत्री ने उत्तराखंड में ई-जीरो FIR सिस्टम की शुरुआत भी की। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के सेक्शन 173 के तहत शुरू किया गया e-Zero FIR सिस्टम, 1 लाख रुपए से ज़्यादा के आर्थिक साइबर फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों को तुरंत मदद देने के लिए बनाया गया है। इसके अंतर्गत 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से मिली शिकायतें अब देहरादून के स्टेट साइबर पुलिस स्टेशन में e-Zero FIR के तौर पर रजिस्टर की जाएंगी और CCTNS नेटवर्क के ज़रिए तुरंत संबंधित पुलिस स्टेशन को भेज दी जाएंगी। इस सिस्टम से पुलिस गोल्डन आवर (शुरुआती समय) में तेजी से कार्रवाई कर सकेगी, जिससे संदिग्ध लेनदेन को फ्रीज करना और धोखाधड़ी की राशि के वापस मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।

Sourabh Jain

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सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

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