DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नि हणदियो भागी हमरी नीलामी नि काटणदियो हमरा यूं पेड़

नि हणदियो भागी हमरी नीलामी नि काटणदियो हमरा यूं पेड़

विश्व पर्यावरण दिवस पर रामगंगा सेवा समिति की ओर से अगनेरी के रामगंगा तट पर पर्यावरण संरक्षण को गोष्ठी की। मौजूद लोगों व व्यक्तित्व विकास पाठशाला के बच्चों ने सामूहिक रूप से जंगल व रामगंगा नदी को बचाने का संकल्प लिया। गोष्ठी में वनों को बचाने के लिए 1970 में शुरू हुए चिपको आंदोलन के दौर के बहुचर्चित जनगीत निहंणदियो भागी हमरी नीलामी, नि कांटणदिया हमरा यूं पेड़ की प्रस्तुति ने पुरानी यादें ताजा कर दी। मुख्य वक्ता उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि वन और पेड़ों को बचाने के लिए 1970 में चलाए गए आंदोलन में महिलाओं की बड़ी भागेदारी रही थी। आज फिर उसी जागरूकता की जरूरत है। कार्यक्रम के संयोजक रामगंगा सेवा समिति के संयोजक एलडी मठपाल ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के कारण प्रकृति के साथ ही मनुष्य व जीव जंतुओं के लिए तमाम तरह की चुनौतियां पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि हालत यही रहे तो फिर अगला विश्व युद्ध पानी के लिए होना निश्चित है। अध्यक्षता रंगकर्मी जसी राम व संचालन डा.कुलदीप बिष्ट ने किया। गोष्ठी में बीडीओ नीलकंठ भट्ट, सुंदर लाल, बीरेंद्र बिष्ट, ललित टढियाल, पुष्कर कांडपाल, डा. मदन चौधरी, खुशाल सिंह अटवाल, कल्याण मनकोटी, मनोहर तिवारी, मोहित जोशी, बबीता बिष्ट, दरबान बिष्ट, लक्ष्मण थापा, केवल रावत, हीरालाल वर्मा कविता, मेघा आदि ने संबोधित किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:We are on auction auction auction house amara yun tree