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अल्मोड़ा

धौलछीना गैराड बैंड सड़क के डामरीकरण का इंतजार

हिन्दुस्तान टीम,अल्मोड़ाPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 04:10 PM
धौलछीना गैराड बैंड सड़क के  डामरीकरण का इंतजार

बाबूजी धीरे चलना, बड़े धोखे हैं इस राह में पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण धौलछीना गैराड बैंड सड़क के लिए फिल्मी गीत की यह लाइन सटीक बैठती है। बिनसर अभयारण्य और प्रसिद्ध गैराड गोलू मंदिर को जोड़ने वाली यह सड़क वर्तमान में उपेक्षा का दंश झेल रही है। लगभग चार दशक बाद भी सड़क में डामर नहीं हुआ है। सड़क में बने बड़े-बड़े गड्ढे खतरा बने हुए हैं।

लोनिवि ने पिछले एक साल से 14 किलोमीटर लंबी धौलछीना गैराड बैंड रोड से गैंग के कर्मचारी भी हटा दिए हैं, जो सड़क के गड्ढों में मिट्टी भरकर किसी तरह आवागमन लायक बनाए रखते थे। इस मार्ग पर प्रसिद्ध गैराड गोलू धाम होने के कारण वर्ष भर लोगों का आना जाना लगा रहता है। वहीं गर्मियों के मौसम में देशभर के विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटक बिनसर अभयारण्य जाने तथा मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मार्ग की पिछले कई वर्षों से कोई सुध नहीं ली गई है। इससे वाहन चालकों समेत इस मार्ग पर पैदल चलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण लंबे अरसे से मार्ग में डामरीकरण करने तथा इसके सुधारी करण की मांग उठा रहे हैं। इसके बाद भी हुक्मरानों तथा सरकारी नुमाइंदों की अनदेखी के चलते यह सड़क बदहाली का दंश झेल रही है। इस बीच लगातार जारी बारिश से सड़क पर छोटे वाहनों के लिए आवागमन पूर्ण रूप से बंद हो गया है। लगभग आधा दर्जन स्थानों पर सड़क की दीवार गिर चुकी है। शुरुआत के लगभग 500 मीटर में हॉट मिक्स प्लांट तक जाने वाले भारी वाहनों के कारण सड़क की हालत खस्ता हो गई है।

इन गांवों को जोड़ती है सड़क

धौलछीना, कलोन, पल्यू, बदौर, खासतिलाडी, बमनतिलाडी, पतनियानैल गांवों की करीब 5000 की आबादी इस मार्ग से जुड़ी है।

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