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बिनसर में इको सेंसटिव जोन बनाने का ग्रामीणों ने किया विरोध

बिनसर वन्य जीव अभ्यारण में इको सेंसटिव बनाने का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। नाराज ग्रामीणों ने वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त के माध्यम से सचिव पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को...

बिनसर में इको सेंसटिव जोन बनाने का ग्रामीणों ने किया विरोध
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,अल्मोड़ाWed, 31 Jul 2019 07:09 PM
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बिनसर वन्य जीव अभ्यारण में इको सेंसटिव बनाने का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। नाराज ग्रामीणों ने वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त के माध्यम से सचिव पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने जल्द इको सेंसटिव बनाने की अधिसूचना निरस्त नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

बुधवार को वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं के कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सात वर्षों से जनता लगातार इको सेंसटिव जोन बनाए जाने का विरोध कर रही है। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बावजूद इको सेंसटिव जोन के लिए अधिसुचना जारी कर दी गई है। वही वन व वन्यजीवों के संरक्षण के नाम पर ग्रामीणों से परंपरागत वनाधिकारों को समाप्त कर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण वन्यजीवों के संरक्षण के लिए गंभीर है। साथ ही ग्रामीणों ने वन व वन्य जीवों के संरक्षण के लिए देववन की तरह तरीके ईजाद किए है। ग्रामीणों ने कहा कि बिनसर वन्य जीव बिहार की स्थापना के बाद विगत 30 सालों के अनुभवों से मानना है कि इको सेंसटिव जोन बनाएं जाने के बाद परेशानियां बढ़ेगी। जंगल व समुदाय के बीच दूरी बढ़ने से जन सहयोग के नहीं मिलने से वन व वन्य जीवों की सुरक्षा पर भी प्रभाव पड़ेगा। समस्त ग्रामीणों ने इंको सेंसटिव जोन बनाए जाने की अधिसूचना को वापस लेने की मांग की। यहां डुंगर सिंह, ईश्वर, हरीश बनौला, जगमोहन पिलख्वाल, पुष्पा देवी, दीपक भाकुनी, जगदीश सुयाल, रमेश सिंह, पुष्कर आर्या, हेमा देवी, रवेती मेहरा, अशोक भोज, चंदन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह, ईश्वर जोशी, रघुवर जोशी, राजेंद्र कुमार, डूंगर सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

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