Sentenced to one year in case of check bounce - चेक बाउंस के मामले में एक साल की सजा DA Image
8 दिसंबर, 2019|3:26|IST

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चेक बाउंस के मामले में एक साल की सजा

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चेक बाउंस के एक मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनमोहन सिंह की अदालत ने अभियुक्त हयात सिंह बिष्ट पुत्र स्व. दुर्गा सिंह निवासी धारानौला, अल्मोड़ा को एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही 6 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

परिवाद के अनुसार अभियुक्त हयात सिंह और परिवादी मोहन सिंह बोरा पुत्र नारायण सिंह बोरा निवासी कर्नाटकपुरम चीनाखान अल्मोड़ा के बीच अच्छे संबंध थे। जिसके अभियुक्त ने परिवादी से 8 लाख 60 हजार रुपये की मांग की। इस पर परिवादी ने अभियुक्त को 5 लाख 35 हजार रुपये चेक के माध्यम से और 2 लाख 71 हजार रुपये नगद के साथ ही 54 हजार रुपये अभियुक्त को दिये। अभियुक्त ने उक्त धनराशि के एवज में केनरा बैंक शाखा अल्मोड़ा के खाते का 8 लाख 60 हजार रुपये का चेक स्वहस्ताक्षरित कर के दिया। उक्त चेक परिवादी ने अपने खाते में धनराशि भुतगतान के लिए लगाया। खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। परिवादी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अभियुक्त को नोटिस भेजा। जिसका अभियुक्त ने कोई भी उत्तर नहीं दिया। पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों और गवाहों का परिसीलन कर अभियुक्त को एक वर्ष का कारावास और 6 लाख 60 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता बीपी पंत ने पैरवी की।

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  • Web Title: Sentenced to one year in case of check bounce