
‘सड़क पर डामरीकरण के लिए आंदोलन ही विकल्प’
स्याल्दे के सीमांत जैखाल गांव के लोगों में नाराजगी ‘सड़क पर डामरीकरण के लिए ही विकल्प’ ‘सड़क पर डामरीकरण के लिए ही विकल्प’
स्याल्दे, संवाददाता। सीमांत क्षेत्र जैखाल गांव के लोगों ने 2.6 किमी सड़क पर डामरीकरण की मांग उठाई है। कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे उनके पास अब आंदोलन ही विकल्प बच गया है। लोगों को कहना है कि ढाई किमी सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग रानीखेत मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए गंभीर नहीं है। विभाग की अनदेखी से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कहना है कि तमाम निवेदन के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे अब उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रधान कमला देवी, हरी सिंह रावत, गोविन्द सिंह, पान सिंह, खीमानन्द, सुरेश सिंह, पूरन सिंह, नारायण दत्त बहुगुणा, बालम सिंह, हंसी देवी, हरक सिंह, मनोज बहुगुणा आदि ने जल्द सड़क सुधारने की मांग की है। इधर, मामले में कनिष्ठ अभियन्ता लोनिवि महेंद्र कम्बोज ने बताया कि जैखाल मोटर मार्ग के डामरीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। डामरीकरण में 160 लाख रुपये की लागत आनी है। धनराशि स्वीकृत होते ही टेंडर की कार्रवाई कर सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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