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जयंती पर गोपाल बाबू गोस्वामी को उनके गीतों से किया याद

जयंती पर गोपाल बाबू गोस्वामी को उनके गीतों से किया याद

1 / 6प्रसिद्ध लोक गायक स्व.गोपाल बाबू गोस्वामी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर उनके पैतृक गांव चांदीखेत के निकट बैश्राठेश्वर में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में गोपाल बाबू के गाए गीतों की धूम रही।...

जयंती पर गोपाल बाबू गोस्वामी को उनके गीतों से किया याद

2 / 6प्रसिद्ध लोक गायक स्व.गोपाल बाबू गोस्वामी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर उनके पैतृक गांव चांदीखेत के निकट बैश्राठेश्वर में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में गोपाल बाबू के गाए गीतों की धूम रही।...

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3 / 6प्रसिद्ध लोक गायक स्व.गोपाल बाबू गोस्वामी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर उनके पैतृक गांव चांदीखेत के निकट बैश्राठेश्वर में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में गोपाल बाबू के गाए गीतों की धूम रही।...

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4 / 6प्रसिद्ध लोक गायक स्व.गोपाल बाबू गोस्वामी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर उनके पैतृक गांव चांदीखेत के निकट बैश्राठेश्वर में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में गोपाल बाबू के गाए गीतों की धूम रही।...

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5 / 6प्रसिद्ध लोक गायक स्व.गोपाल बाबू गोस्वामी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर उनके पैतृक गांव चांदीखेत के निकट बैश्राठेश्वर में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में गोपाल बाबू के गाए गीतों की धूम रही।...

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6 / 6प्रसिद्ध लोक गायक स्व.गोपाल बाबू गोस्वामी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर उनके पैतृक गांव चांदीखेत के निकट बैश्राठेश्वर में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में गोपाल बाबू के गाए गीतों की धूम रही।...

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प्रसिद्ध लोक गायक स्व.गोपाल बाबू गोस्वामी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर उनके पैतृक गांव चांदीखेत के निकट बैश्राठेश्वर में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में गोपाल बाबू के गाए गीतों की धूम रही। विभिन्न जगहों से पहुंचे कलाकारों ने गोपाल बाबू गोस्वामी की याद में उनके गाये कई गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ पहुंची। हिमालय लोक कला समिति अल्मोड़ा के कलाकारों ने उत्तराखंड देव भूमि तेरी जय-जय कारा, छपेली अल्मोड़ा बाजारा हुड़की बाजी रै, छूमैलो नृत्य आई गैना ऋतु बौड़ी सहित कई प्रस्तुतियां दी। लोक गायक गोपाल मठपाल ने त्यर कतू भल रूप बनाई छू, गायक सतीश मैसी ने पिजाओ-पिजाओ म्यर पहाड़क ठंडो पांणी सुनाया। गायिका संगीता जोशी ने आमै की डाई मां घुघति नी बासा, रमेश कन्याली ने रंगीली चंगीली पुतई जैसी, दीपक ममंगाई ने आज ऋतु भंगी-भंगी ऐगे चैतक महीना, पंकज रावत ने पारै भिड़ेकी बंसती छोरी तथा गायिका ललिता बिष्ट ने हाई तैरी रूमाला गुलाबी मुखड़ी सुनाकर खूब तालियां बटोरी। इसके अलावा कृपाल बिष्ट, ललिता जोशी, गायत्री बिष्ट, जीवन राज व तनु बिष्ट आदि कलाकारों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किया। इस दौरान बाहर से आए कई कलाकरों ने गोपाल बाबू से जुड़े संस्मरण सुनाकर उनके साथ बिताए लम्हों को याद किया। संचालन रमेश गोस्वामी ने किया।

पिता के गीतों से बेटे ने किया भाव विभोर

चौखुटिया। उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक गोपाल बाबू के जन्म महोत्सव का शुभारंभ उनके बेटे रमेश गोस्वामी ने देवी बाराही मेरी सेवा लिया हो वंदना प्रस्तुत कर किया। इसके अलावा उन्होंने पिता के प्रसिद्ध गीत भुर-भुर उज्यावा हैगो, डान खाना बे सुर सुर, कैले बजे मुरूली ऊंची ऊंची डांडियों मां आदि गीत सुनाकर पिता की यादों को ताजा ही नहीं किया। बल्कि पिता के गीतों को दोहरा सभी का भाव विभोर कर दिया। गोपाल बाबू गीतों को एक बार फिर लोगों को सुनने को मिल। पिता के गीतों को गाकर बेटे ने पिता की याद को लोगों के दिलों में फिर जिंदा कर दिया।

 

पत्नी ने दीप जलाकर किया कार्यक्रम का शुभारंभ

चौखुटिया। स्व. गोपाल बाबू गोस्वामी के जन्मदिवस पर सांस्कृतिक समारोह का उद्घाटन उनकी पत्नी मीरा गोस्वामी ने दीप जलाकर कर किया। उन्होंने पति के याद में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सभी आभार व्यक्त किया।

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  • Web Title:Remembering Gopal Babu Goswami again with his songs on Jayanti