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30 सितम्बर, 2020|3:03|IST

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अस्पतालों को पीपीपी मोड में देने के विरोध में धरना

अस्पतालों को पीपीपी मोड में देने के विरोध में धरना

सल्ट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और स्याल्दे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देघाट को पीपीपी मोड में देने पर सल्ट विकास संघ समिति के लोगों में आक्रोश फैल गया। नाराज समिति के लोगों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर प्रदेश सरकार व स्थानीय विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। जल्द फैसले को वापस नहीं लेने पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी। सल्ट विकास संघर्ष समिति ने बीते 27 अगस्त को अस्पतालों को पीपीपी मोड में देने के विरोध में ब्लॉक मुख्यालय में प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर आक्रोश जताया था। इस दौरान 30 अगस्त तक फैसला वापस नहीं लेने पर तहसील मुख्यालय में 2 सितंबर से धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को समिति के लोग तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि प्रदेश सरकार अस्पतालों को पीपीपी में मोड में देकर जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है। आरोप लगाया कि सरकार सीएचसी देघाट और सल्ट के देवायल अस्पताल को क्षेत्रीय विधायक के कहने पर पीपीपी मोड में दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल नीजि हाथों में जाने से यहां की व्यवस्थाएं बदहाल हो जाएंगी। जनता की कोई सुनवाई भी नहीं होगी। उन्होंने अस्पतालों को पीपीपी मोड में देने के फैसले को वापस नहीं लेने पर धरना प्रदर्शन जारी रखने और आमरण अनशन शुरू करने की भी चेतावनी दी।इस दौरान जनगीतों के माध्यम से भी प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक के खिलाफ आक्रोश जताया गया। धरना प्रदर्शन में गोविंद बल्लभ उपाध्याय, अमित रावत, नारायण सिंह रावत, संजय सिंह रावत, गांगुली देवी, सरुली देवी, तुलसी देवी, चंदन सिंह, मोहन चंद्र, वीरेंद्र शर्मा सहित कई लोग शामिल रहे।

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  • Web Title:Protest against giving hospitals in PPP mode