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वेतन न मिलने पर भड़के जल संस्थान के संविदा कर्मचारी, पेयजल योजनाएं ठप की

वेतन न मिलने पर भड़के जल संस्थान के संविदा कर्मचारी, पेयजल योजनाएं ठप की

जल संस्थान के संविदा श्रमिकों ने वेतन नहीं मिलने और अपनी 6 सूत्रीय मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर हड़ताल शुरू कर दी है। श्रमिकों ने विभाग पर कर्मचारियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मांग पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने का एलान किया है। गुरुवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जल संस्थान के संविदा कर्मचारियों ने वेतन नहीं दिए जाने, विभाग में ठेकेदारी प्रथा बंद किए जाने, मानदेय में वृद्धि किए जाने, वर्ष 2011 से अब तक के ईपीएफ का ब्योरा दिए जाने, साप्ताहिक और राजकीय अवकाश दिए जाने, ईएसआई और दुर्घटना बीमा दिए जाने और कर्मचारियों को परिचय पत्र दिए जाने की मांग को लेकर भिकियासैंण बाजार में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद आयोजित धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संगठन लंबे समय से अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, लेकिन विभाग लगातार कर्मचारी हितों की अनदेखी कर रहा है। कर्मचारियों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में शाखा अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, कमल सिंह, हंसादत्त, केवलानंद, गणेश नाथ, देवेंद्र, कुंदन सिंह, दिवान गिरि, नंदन गिरि, दिनेश नाथ, अमर सिंह, पान सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रताप सिंह समेत अनेक कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में पैदा हुई पेयजल किल्लत अल्मोड़ा। जल संस्थान के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के बाद दर्जनों गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। तहसील में भवानी देवी पंपिंग पेयजल योजना से 34 गांव, नौला कमराड़ पेयजल योजना से 64 गांव, भिकियासैंण पेयजल पंपिंग योजना से 4 गांव और मोहनरी पंपिंग पेयजल योजना से 1 गांव को पेयजल की आपूर्ति की जाती है, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब इन सभी गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है।

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  • Web Title:On getting the wages, the contract employees of the Water Institute