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23 सितम्बर, 2020|10:13|IST

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लोक वाहनी ने खटीमा के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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उत्तराखंड लोक वाहनी ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा में शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। मंगलवार को पार्टी कार्यालय में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संवाद कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा की राज्य को बने 20 और खटीमा शहीदों की शहादत के बाद भी उनके सपने जस के तस हैं।

दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं को संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों की उपेक्षा के चलते लगातार पलायन हो रहा है। राज्य निर्माण के दो दशक बाद भी स्थाई राजधानी नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी बना दिया जाता तो पहाड़ी परिवेश में पहाड़ की समस्याओं पर चिंतन करना आसान हो जाता। इसी विचार ने पर्वतीय राज्य आंदोलन की नींव डाली और लोगों ने शहादत दी। आज के दिन खटीमा में सात लोगों ने पुलिस की बर्बरता का सामना करते हुए प्राण न्योछावर कर दिये। पर्वतीय राज्य व गैरसैंण राजधानी शहीदों का सपना था। संवाद कार्यक्रम में एडवोकेट जगत सिंह रौतेला, पूरन चंद्र तिवारी, जंग बहादुर थापा, हरीश मेहता, हारिस मुम्मद, शमशेर जंग गुरुग, रेवती बिष्ट, कुणाल तिवारी, सुशीला धपोला समेत आदि लोग मौजूद रहे।

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  • Web Title:Lok Vahini paid tribute to the martyrs of Khatima