Joshi family sacrificed gold statue to mother goddess - जोशी परिवार ने मां झूला देवी को चढ़ाया सोने का छत्र DA Image

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जोशी परिवार ने मां झूला देवी को चढ़ाया सोने का छत्र

हल्द्वानी के कारोबारी और मूल रूप से रानीखेत के तल्ला विशुवा निवासी शेखर चंद्र जोशी ने अपनी दिवंगत माताजी स्व. कलावती जोशी पत्नी घनानंद जोशी की स्मृति में झूलादेवी मंदिर में सोने का छत्र चढ़ाया। रविवार को सपरिवार रानीखेत पहुंचे जोशी ने मंदिर में पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों के बाद मां को एक तोले सोने का छत्र चढ़ाया। गौरतलब है कि झूला देवी मां में लोगों की गहरी आस्था है। मान्यता है कि दशकों पूर्व मां क्षेत्र के लोगों के सपनों में आती थी और मालरोड के पास सुरम्य वन में बच्चों के साथ झूला झूलने की इच्छा जताती थी। जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने मालरोड के पास उनका मंदिर बनाया। मां की इच्छानुसार लोगों ने मंदिर में झूले में मां को विराजमान किया, जिस कारण मां को झूला देवी के रूप में माना और पूजा जाता है। इसके अलावा झूला देवी मां जंगलों जानवरों के आतंक से भी लोगों को निजात दिलाती है। कहा जाता है कि आज भी क्षेत्र के घने जंगलों में रहने वाले गुलदार हर रात मंदिर में आकर झूला देवी मां को शीश नवाते हैं। मां अपने भक्तों की मनोकामना भी पूर्ण करती है। मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त मां को घंटी चढ़ाते हैं।

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