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21 सितम्बर, 2020|11:49|IST

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सोमेश्वर में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

सोमेश्वर में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

पिछले एक हफ्ते से हो रही बरसात और ओलावृष्टि से बौरारौ घाटी में किसानों की गेहूं, आलू, प्याज, लहसुन की खेती और बागवानी को खासा नुकसान हुआ है। बेमौसम की बरसात ने किसानों की गेहूं की तैयार फसल और मसूर की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

बरसात के साथ कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से बागवानी को भी क्षति पहुंची है इसमें नाशपाती, आड़ू, खुमानी और सेब के पेड़ों से उनके फूल और बौर झड़ने से इनका उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लोद घाटी के लखनाड़ी के काश्तकार किशन सिंह भोज का कहना है कि उन्होंने अप्रैल में इतनी ब्रसटबौर ओलावृष्टि पहले नहीं देखी। इस बेमौसम की बरसात से लखनाड़ी, बरगला, मढ़ी, और टना तोक में गेहूं, जौ, प्याज, लहसुन और आलू सहित फलों की खेती को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से फसलों के नुकसान की भरपाई करने की भी मांग की है। कांटली ग्राम के किसान पूर्व प्रधान गिरीश काण्डपाल का कहना है कि जंगली जानवरों के आतंक से परेशान किसानों पर बरसात और ओलावृष्टि से दोहरी मार पड़ी है। फलदार पेड़ों के फूल ओलावृष्टि में झड़ चुके हैं और गेहूं की पकी फसल को भी नुकसान हुआ है किसान कुदरत की मार से परेशान है।