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अल्मोड़ा

गोल्डन कार्ड योजना का इलाज में नहीं मिल रहा है फायदा

हिन्दुस्तान टीम,अल्मोड़ाPublished By: Newswrap
Tue, 06 Jul 2021 10:20 PM
गोल्डन कार्ड योजना का इलाज में नहीं मिल रहा है फायदा

प्रदेश में शुरू की गई गोल्डन कार्ड योजना से कर्मचारियों को फ्री इलाज नहीं मिल पा रहा है। हालत यह है कि सूचीबद्ध बताए गए अस्पताल बगैर पैसे दिए इलाज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में कर्मचारी संगठन इसके लिए हर माह की जा रही कटौती को बंद करने की मांग कर रहे हैं, हालांकि मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा है।

दर असल प्रदेश में कर्मचारियों 2018 अटल आयुष्मान योजना शुरू की गई। इसमें कार्यरत और पेंशनर्स के लिए न्यूनतम कटौती की गई। इसमें संबंधित अस्पतालों में केसलेस सुविधा की व्यवस्था थी। अस्पताल में जो दवा नहीं है उसे बाहर से मंगा कर देने का प्राविधान था, लेकिन इधर जनवरी से गोल्डन कार्ड की व्यवस्था कर दी गई। इसमें सभी कर्मचारियों की 250,450, 650 व एक हजार रूपये की कटौती कर दी गई। पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चंद्रमणि भट्ट का कहना है कि गोल्डन कार्ड का लाभ अस्पताल में भर्ती के बाद ही मिलेगा। जबकि इससे पहले इलाज में खर्च होने वाला पूरा पैंसा रिफंड होता था। इसके लिए वेतन में कोई कटौती भी नहीं होती थी। यही नहीं प्रदेश सरकार ने योजना को लागू करते समय स्वैच्छिक रखने की बात कही थी लेकिन यहां सभी की कटौती कर दी है। जबकि कई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड अभी नहीं बन सके हैं। इसको देखते हुए मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। इधर, एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन के मंडलीय सचिव धीरेंद्र पाठक का कहना है कि सरकार ने गोल्डन कार्ड को लेकर कई अस्पताल इलाज मुहैया नहीं करा रहे हैं। शासन से की गई शिकायत पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कार्यरत कर्मचारियों के साथ ही पेंशनर्स यहां तक कि कर्ज लेकर अपना इलाज करने को मजबूर हैं। इसके लिए बनाए गए स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारी भी कर्मचारियों की परेशानी सुनने के लिए तैयार नहीं हैं।

इस साल फरवरी में पैर में चोट आ गई थी। इसके बाद गोल्डन कार्ड के इलाज के लिए हल्द्वानी के बताए गए अस्पताल में पहुंचे। लेकिन वहां अस्पताल प्रबंधन ने कार्ड के आधार पर इलाज के लिए मना कर दिया। गोल्डकार्ड के देहरादून में बताए गए अधिकारी से बात करने पर उन्होंने इलाज करा कर बिल भेजने को कहा। फरवरी माह का बिल ट्रेजरी के माध्यम से भी भेज दिया गया लेकिन अभी तक पैंसा नहीं मिला है और अब अधिकारी फोन भी नहीं उठा रहे हैं।

-शशि टम्टा पेंशनर वन विभाग अल्मोड़ा

जून के महीने में इलाज के लिए हल्द्वानी जाना पड़ा। वहां गोल्डन कार्ड से कोई सहायता नहीं मिली है। सभी पैंसा अपने स्तर से अस्पताल में जमा कराया है। अब बिल मिलने की बात की जा रही है लेकिन कहां से मिलेगा कोई पता नहीं है।

- पार्वती गोस्वामी, कर्मचारी शिक्षा विभाग

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