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हिंदी न्यूज़ उत्तराखंड अल्मोड़ाहिंदू-मुस्लिम एकता की मिशाल है अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव

हिंदू-मुस्लिम एकता की मिशाल है अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव

अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। दशहरा महोत्सव के अवसर पर रामलीला मंचन के साथ रावण परिवार के पुतले बनाने में भी मुस्लिम समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा...

हिंदू-मुस्लिम एकता की मिशाल है अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,अल्मोड़ाFri, 19 Oct 2018 10:42 PM
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अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। दशहरा महोत्सव के अवसर पर रामलीला मंचन के साथ रावण परिवार के पुतले बनाने में भी मुस्लिम समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। वरिष्ठ रंगकर्मी शिवचरण पांडे बताते है कि रामलीला और दशहरा महोत्सव के शुरुआती दौर से ही मुस्लिम भाई हिंदुओं के दशहरा पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते आए हैं।

रामलीला के शुरुआती दौर में तबला वादक व हारमोनियम उस्ताद मुसलमान ही हुआ करते थे। रामलीला पात्रों के मेकअप, पात्रों के मंचन व पुतला निर्माण में मुसलमान कई दशकों से हिस्सेदारी करते आए हैं। विजयादशमी के अवसर पर तमाम पुतला कमेटियों में मुसलमान समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विजयादशमी के दिन कमाल अहमद, मोहम्मद उवैश, सईद, आमिर अंसारी, बाबा अंसारी, सनी अंसारी, अमजद खान, सय्यद नाजिम, नाजिम अली, शोएब सहित कई मुस्लिम समुदाय के लोग जुलूस में शामिल हुए।

इसलिए प्रसिद्ध है अल्मोड़ा का दशहरा पर्व

अल्मोड़ा। सांस्कृतिक व ऐतिहासिक नगर अल्मोड़ा का दशहरा पर्व पूरे भारत में प्रसिद्ध है। मैसूर तथा हिमांचल प्रदेश के कुल्लू के बाद अल्मोड़ा का दशहरा पर्व देश में तीसरे स्थान पर प्रसिद्ध महोत्सव है। अल्मोड़ा के दशहरा पर्व में तमाम खास बाते हैं जो यहां के दशहरे को खास बनाती है। पूरे भारत में सिर्फ अल्मोड़ा नगर में ही रावण परिवार के सभी पुतलों का निर्माण कर नगर भर में जूलूस निकाला जाता है। हर बार की तरह इस वर्ष भी नगर में रावण परिवार के पुतलों को देखने के लिए देश-विदेश से सैलानी अल्मोड़ा पहुंचे। इस दौरान स्थानीय युवक व युवतियों ने रावण परिवार के जीवंत पुतलों के साथ जमकर फोटो व सेल्फी खींची।

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