DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तराखंड  ›  अल्मोड़ा  ›  कनारीछीना स्थित आयुष केंद्र कोरोना काल में भी एक साल से बंद

अल्मोड़ाकनारीछीना स्थित आयुष केंद्र कोरोना काल में भी एक साल से बंद

हिन्दुस्तान टीम,अल्मोड़ाPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 05:00 PM
कनारीछीना स्थित आयुष केंद्र कोरोना काल में भी एक साल से बंद

कोरोना काल में भी जिले के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नही मिल पा रही है। स्थिति यह है कि कनारीछीना स्थित आयुष विंग स्वास्थ्य कर्मियों के अभाव में बीते एक साल से बंद पड़ा है। जिसके चलते आयुर्वेदिक उपचार के लिए मरीजों को 60 से 70 किमी की दौड़ लगाकर अल्मोड़ा आना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जल्द विंग शुरू करने की मांग उठाई है।

गौरतलब है कि अल्मोड़ा जिले में एलोपेथिक अस्पतालों में आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा मुहैया कराने 20 आयुष विंग शुरू किए गए थे। इनमें डॉक्टर और फार्मेसिस्ट के पद स‌ृजित हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष विंग संचालित होने से मरीजों को उपचार के लिए लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ रही थी। लेकिन पहले से ही स्वास्थ्य सुविधाओं की मार झेल रहे लोगों की स्टाफ की कमी से परेशानी कमी नही हुई। स्थिति यह है कि स्टाफ नही होने से बीते एक साल से कनारीछीना स्थित आयुष विंग बंद है। जानकारी के अनुसार भैंसियाछाना विकासखंड के कनारीछीना में आयुष विंग में लंबे समय से डॉक्टर नहीं हैं। एक मात्र फार्मेसिसस्ट के हवाले चल रहे केंद्र से पिछले साल फार्मेसिस्ट को भी काकड़ीघाट संबद्ध कर दिया गया। जिसके चलते करीब एक साल अधिक समय से आयुष विंग बंद पड़ा है। रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के सदस्यों ने कोरोना काल जैसी महामारी में भी आयुष बिंग बंद होने पर कड़ी नाराजगी जताई। जल्द से जल्द आयुष विंग में स्टाफ की तैनाती की मांग की। यहां मांग करने वालों में रीठागाड़ी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह, सचिव गोपाल राम, मनोज सिंह जड़ौत, नारायण दत्त भट्ट, उमेश भट्ट, बालम सिंह बानी, कुंदन सिंह, जगत सिंह आदि है।

संबंधित खबरें