Almora News: दस साल से कागजों में सड़क, मरीज के नसीब में डोली
Almora News: अल्मोड़ा के पतलचौरा गांव में सड़क न होने से ग्रामीणों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए 5 किलोमीटर तक डोली में उठाकर ले जाना पड़ा। इस गांव के लिए सड़क निर्माण की मंजूरी 10 साल पहले मिल गई थी, लेकिन अब तक सड़क नहीं बनी।
Almora News: अल्मोड़ा। सरकार पहाड़ के दूरस्थ गांवों तक सड़क समेत तमाम सुविधाएं पहुंचाने के भले ही कितने ही दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मामला भैसियाछाना ब्लॉक के पतलचौरा गांव का है। गांव सड़क नहीं होने से मरीज को पांच किलोमीटर तक डोली में उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ा। जबकि गांव के लिए सड़क को दस साल पहले ही मंजूरी मिल गई थी। अल्मोड़ा के कई गांवों तक आज भी सड़क नहीं पहुंच सकी है। सड़क नहीं होने से लोगों को रोज आवागामन में परेशानी तो झेलते ही हैं, लेकिन सबसे अधिक समस्या तब आती है।
गांव में कोई बिमार पड़ता है। ऐसे में मरीज को अस्पताल पहुंचाना भी ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता। भैसियाछाना का पतलचौरा गांव भी सड़क सुविधा से वंचित है। सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को पांच किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक, गुरुवार को गांव के 59 वर्षीय कुंवर राम की तबियत अचानकर खराब हो गई। तबियत उतनी बिगड़ी कि वह पांच किलोमीटर चल सकने की हालत में भी नहीं थे। ऐसे में कुंवर राम को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को डोली का इंतजाम करना पड़ा। किशन राम, बहादुर राम, प्रकाश राम, इंद्र कुमार, गोपाल राम, हिमांशु कुमार, दीपक कुमार, सूरज राम, गोकुल राम, जगदीश राम आदि ने डोली की सहायता से बमुश्किल उन्हें कनारीछीना सड़क तक पहुंचाया। तब जाकर उन्हें अस्पताल ले जाया जा सका।


