
दिवाली से पहले उत्तराखंड की भी बिगड़ने लगी आबोहवा, इस शहर का सबसे बुरा हाल
संक्षेप: उत्तराखंड में भी दिवाली से पहले आबोहवा बिगड़ने लगी है। देहरादून और काशीपुर में वायु प्रदूषण के रिजल्ट चौंकाने वाले हैं। जानें, सबसे प्रदूषित और सबसे साफ शहर कौन सा है।
दिवाली से पहले उत्तराखंड की आबोहवा फिर बिगड़ने लगी है। काशीपुर में सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा है, जहां औसत एक्यूआई सौ से ज्यादा है। जबकि, देहरादून में औसत एक्यूआई 94 तक पहुंच गया है। चार महीने के भीतर पहली बार इन शहरों में एक्यूआई इतना अधिक पहुंचा है। दूसरी ओर, टिहरी की हवा सबसे शुद्ध है।

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने छह प्रमुख शहरों में प्रदूषण की रियल टाइम मॉनीटरिंग शुरू की है। दिन-रात प्रदूषण के स्तर पर नजर रखी जा रही है, ताकि इसकी रोकथाम के उपाए हो सकें। सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार, देहरादून समेत काशीपुर, रुड़की, ऋषिकेश, हल्द्वानी और टिहरी में रियल टाइम मॉनीटरिंग की जा रही है। दून में मंगलवार को औसत एक्यूआई 94 तक पहुंचा। काशीपुर में यह सौ के पार हो गया। रुड़की में 85, हल्द्वानी में 59, ऋषिकेश में 82, टिहरी में 48 ही दर्ज किया गया। जानकारों के अनुसार, प्रदूषण के कई कारण हैं, जिनमें गाड़ियों और उद्योगों का धुआं, सड़क-निर्माण की धूल, धूप से हवा में नमी घटना, बाजार में भीड़ और पटाखे छुड़ाना भी है।
प्रदूषण से बीपी-सांस के मरीजों की मुसीबत
देहरादून। दून समेत उत्तराखंड के कई इलाकों में रात के समय सर्दी होने लगी है और प्रदूषण भी बढ़ रहा है। दिन और रात के तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस का अंतर हो चुका है। नतीजतन बीपी, दिल, सांस और शुगर के मरीजों की मुसीबत बढ़ने लगी है। दून अस्पताल में इमरजेंसी के नोडल डॉ. अमित अरुण और ईएमओ डॉ. नवजोत सिंह ने बताया कि रात की इमरजेंसी में रोज 70 से 80 मरीज आ रहे हैं। 30 मरीज ऐसे हैं, जो सांस, दिल और बीपी की समस्या से परेशान हैं। कोरोनेशन के ईएमओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि रात में इमरजेंसी में ऐसे 40 फीसदी मरीज आ रहे हैं। वहीं, दून में दीपावली पर दून, कोरोनेशन समेत तमाम सरकारी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। डॉक्टरों और स्टाफ की छुट्टियां रद्द की गई हैं।
ध्वनि प्रदूषण में 50 हजार रुपये चालान
देहरादून। त्यागी रोड पर पड़ोसी की शिकायत के बाद नगर निगम ने ध्वनि प्रदूषण फैलाने के आरोप में इरानी ट्रेडर्स का पचास हजार रुपये का चालान किया। शिकायतकर्ता ने डीएम कार्यालय को दिए गए पत्र में बताया था कि उनके घर के बगल में इरानी ट्रेडर्स के यहां से आ रही लिफ्ट की आवाज परेशानी बढ़ा रही है। इस मामले में डीएम सविन बंसल के आदेश पर दून नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग ने बुधवार को चालान किया। दूषित जल बहाने पर दून विवि रोड पर शिवम विहार हाउसिंग सोसायटी का भी पचास हजार का चालान कटा। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना बोले, लोग गाइडलाइन का पालन करें।
घंटाघर पर 120 के पार पहुंचा एक्यूआई
देहरादून के दून विवि क्षेत्र, घंटाघर और नेहरू कॉलोनी में रियल टाइम मॉनीटरिंग की जा रही है। घंटाघर पर बुधवार दोपहर को एक्यूआई 120 के करीब मिला। जबकि, नेहरू कॉलोनी में 102 और दून विवि क्षेत्र में 70 के आसपास मिला। इसके अलावा कई और इलाकों में भी प्रदूषण बढ़ा है।
ड्रोन और टैंकरों के जरिये होगा पानी का छिड़काव
धकाते के अनुसार, प्रदूषण बढ़ने लगा है। हालांकि, अभी यह संतोषजनक स्थिति में है। अगर प्रदूषण और बढ़ता है तो इसकी रोकथाम के लिए इन शहरों में ड्रोन से पानी का छिड़काव किया जाएगा। इसके अलावा ट्रैंकरों से भी जमीन पर पानी का छिड़काव होगा। प्रदूषण के मुख्य कारणों की भी निगरानी की जा रही है।

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