आम के बाद भारतीय सब्जियों पर भी नेपाल ने रोक लगाई, भारत ने चीनी निर्यात पर बैन बढ़ाया

लाइव हिन्दुस्तान, हल्द्वानी/पिथौरागढ़
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भारतीय आमों पर सख्ती के बाद नेपाल की सरकार ने एक और हिमाकत की है। नेपाल ने भारतीय सब्जियों की बिक्री पर रोक लगा दी है। कारोबारियों को इससे रोजाना कम से कम 50 लाख का नुकसान होगा।

आम के बाद भारतीय सब्जियों पर भी नेपाल ने रोक लगाई, भारत ने चीनी निर्यात पर बैन बढ़ाया

भारतीय आमों पर सख्ती के बाद नेपाल की सरकार ने भारत को एक और झटका दिया है। अब भारतीय सब्जियों पर भी रोक लगा दी है। इस नए प्रतिबंध से कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। इसी तरह भारत ने भी चीनी निर्यात पर प्रतिबंध सितंबर महीने तक बढ़ा दिया है।

व्यापारियों का कहना है कि इस फैसले से रोजाना 50 लाख से ज्यादा नुकसान का अनुमान है। नेपाल सरकार ने अपने देश में पर्याप्त उत्पादन होने का हवाला देते हुए भारत से होने वाली फल और सब्जियों की सप्लाई पर अचानक रोक लगा दी है।

इससे टनकपुर और बनबसा समेत पिथौरागढ़ के व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। बनबसा व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी ने बताया, करीब एक हफ्ते से सब्जियों के साथ आम और लीची समेत अन्य फलों को भी बॉर्डर पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बताया कि पीलीभीत और बरेली मंडी से बनबसा तक फल और सब्जियों की खेप पहुंचती है। यहां से शारदा बैराज होकर नेपाल माल जाता है। अब सप्लाई बंद हो चुकी है। उन्होंने रोजाना 50 लाख से अधिक के नुकसान का दावा किया है।

भारत ने चीनी के निर्यात पर लगाया है प्रतिबंध

पूर्व में भारत ने चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। जिसे सरकार ने सितंबर तक बढ़ा दिया है। पिथौरागढ़ के धारचूला से तो लोग एक से डेढ़ किलो की मात्रा में किसी तरह चीनी ले जा रहे हैं। मगर झूलाघाट बॉर्डर से चीनी के निर्यात पर पूरी तरह रोक है।

90% नेपाल पर निर्भर

बनबसा का स्थानीय फल और सब्जी बाजार 90% तक नेपाल के खरीदारों और निर्यात पर निर्भर है। मौजूदा प्रतिबंध से व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है।

ये सब्जियां-फल होते हैं निर्यात

सब्जियों में आलू, टमाटर, प्याज, हरी मिर्च, लौकी और खीरा और फलों में केला, आम, लीची, अंगूर, अनार, संतरा और पपीता समेत मौसमी फल निर्यात होते हैं।

क्या कहते हैं व्यापारी

नेपाल उद्योग वाणिज्य संघ के पूर्व उपाध्यक्ष एमपी जोशी का कहना है कि यूपी समेत बिहार बॉर्डर से आसानी से माल आ रहा है। फल, सब्जी के परीक्षण का केंद्र उत्तराखंड सीमा पर नहीं है। इस वजह से अब सख्ती है। समस्या शीघ्र हल होने की उम्मीद है।

रोज 25 हजार किलो फल भेजे जाते थे

बनबसा के फल कारोबारी गुड्डू कुरैशी ने बताया कि लगभग 25 हजार किलो फल और चार बड़े कैंटर सब्जियां रोज नेपाल भेजी जाती थीं। बनबसा से रोक के बाद कई व्यापारी यूपी के पलिया होकर नेपाल जाने का प्रयास कर रहे हैं।

Gaurav Kala

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