Hindi Newsउत्तराखंड न्यूज़After 11 Years PM Modi Dream Project for Asia Largest Pancheshwar Dam Near Nepal Border Back in Focus
PM मोदी का 11 साल पुराना ड्रीम प्रोजेक्ट अधूरा, एशिया के सबसे बड़े बांध का नेपाल कनेक्शन समझिए

PM मोदी का 11 साल पुराना ड्रीम प्रोजेक्ट अधूरा, एशिया के सबसे बड़े बांध का नेपाल कनेक्शन समझिए

संक्षेप:

पीएम मोदी नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद नेपाल सीमा पर काली नदी में एशिया के सबसे बड़े बांध को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया था। इस प्रोजेक्ट पर अब 11 साल बाद हलचल तेज हुई है।

Dec 25, 2025 10:29 am ISTGaurav Kala संतोष आर्यन, पिथौरागढ़
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प्रधानमंत्री मोदी के 11 साल पुराने ड्रीम प्रोजेक्ट और प्रस्तावित एशिया का सबसे बड़ा पंचेश्वर बांध का मामला एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से ठंडे बस्ते में चल रहे इस मामले पर हलचल तब दिखी, जब उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज पिथौरागढ़ दौरे पर पहुंचे। उन्होंने कहा पंचेश्वर धाम बनकर ही रहेगा।

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पिथौरागढ़ भ्रमण पर यहां पहुंचे कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बांध निर्माण के संकेत दिए हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि बांध बनने के बाद सीप्लेन, हाइड्रो प्लैन डैम में आराम से उतर सकेंगे। इससे यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। कहा कि पंचेश्वर डैम को लेकर नेपाल से बातचीत भी होनी है।

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2014 से ड्रीम प्रोजेक्ट

वर्ष 2014 में कांग्रेस की सरकार को सत्ता से बाहर कर प्रधानमंत्री बनें मोदी ने पंचेश्वर बांध को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया। तब शुरूआती दौर में बांध निर्माण को लेकर तेजी भी देखने को मिली। वाप्कोस कंपनी ने डीपीआर तक भी बना डाली। वैज्ञानिकों की टीम ने स्वॉयल टेस्टिंग की।

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बांध से क्या खतरा

बांध निर्माण से भारत और नेपाल का करीब 116 स्क्वायर किमी परिक्षेत्र जलमग्न होना था। सीमांत जनपद के साथ ही अल्मोड़ा और चंपावत के डूब क्षेत्र में आ रहे कई गांवों को सूची भी बनाई गई। वर्ष 2016 से 18 के बीच दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई हाई लेवल की बैठकें भी हुई।

यहां तक डूब क्षेत्र में भारतीय गांवों में रहने वाले लोगों की जनसुनवाई का सिलसिला भी शुरू हुआ। जानकारी के मुताबिक जल और बिजली बंटवारे को लेकर नेपाल की आपत्ति के बाद धीरे-धीरे बांध निर्माण का मामला ठंडा पड़ गया। वर्ष 2020 के बाद से इस मुद्दे पर करीब-करीब चर्चा नहीं के बराबर हुई है, लेकिन कैबिनेट मंत्री के बयान के बाद अब फिर से लोगों में पंचेश्वर बांध को लेकर चर्चा होने लगी है।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala
गौरव काला को नेशनल, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय, क्राइम और वायरल समाचार लिखना पसंद हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 10 साल कार्य का अनुभव। लाइव हिन्दुस्तान से पहले अमर उजाला, दैनिक जागरण और ईटीवी भारत जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। और पढ़ें

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