Hindi Newsउत्तराखंड न्यूज़18 Months Old Girl Khushi Saves elder Sister Life with Bone Marrow Donation in himalayan hospital jolly grant dehradun
बड़ी बहन की जिंदगी बचाने 18 महीने की खुशी ने दान किया बोन मैरो, सबसे कम उम्र की डोनर

बड़ी बहन की जिंदगी बचाने 18 महीने की खुशी ने दान किया बोन मैरो, सबसे कम उम्र की डोनर

संक्षेप:

देहरादून में पांच साल की बीमार बच्ची की जिंदगी बचाने 18 महीने की छोटी बहन खुशी फरिश्ता बनकर आई। हिमालय जौलीग्रांट अस्पताल के डॉक्टरों ने जटिल उपचार में खुशी का बोन मैरो सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया। दोनों बहनों की हालत स्थिर है।

Feb 11, 2026 12:18 pm ISTGaurav Kala देहरादून
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देहरादून में बड़ा चिकित्सीय करिश्मा देखने को मिला, जब पांच साल की बड़ी बहन की जिंदगी बचाने के लिए उसकी 18 महीने की छोटी बहन खुशी सामने आई। डॉक्टरों ने अप्लास्टिक एनीमिया से ग्रसित पांच वर्षीय बच्ची का सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया है। अस्पताल का दावा है कि उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में खुशी सबसे उम्र की डोनर बन गई है।

हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में चिकित्सकों ने अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित पांच वर्षीय बच्ची का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया है। पांच वर्षीय श्रुति के लिए उसकी डेढ़ वर्षीय बहन खुशी बोन मैरो डोनर बनी है। डॉक्टरों के अनुसार, श्रुति को जन्म से ही बार-बार सर्दी, बुखार और त्वचा संक्रमण जैसी समस्याएं घेरती रहती थीं। परिजन लंबे समय से उसकी सेहत को लेकर चिंतित थे और उसे उचित उपचार दिलाने के लिए हॉस्पिटल लाए। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आवृत्ति बवेजा ने बच्ची की जांच के बाद अप्लास्टिक एनीमिया की पुष्टि की और उपचार की योजना बनाई।

दोनों बहनों की हालत स्थिर

हिमालयन हॉस्पिटल की मेडिकल टीम ने श्रुति और उसकी बहन खुशी की पूरी स्वास्थ्य जांच और तैयारी के बाद ट्रांसप्लांट को अंजाम दिया। ट्रांसप्लांट पूरी तरह सफल रहा और दोनों बहनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। इस सफल ट्रांसप्लांट के बाद श्रुति की सेहत में सुधार नजर आ रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि छोटे बच्चों में बोन मैरो डोनर और रिसीवर के बीच मिलान करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन विशेषज्ञों की टीम ने इसे सफलता पूर्वक पूरा किया।

डॉक्टरों ने बताया जटिल था ट्रांसप्लांट

एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने इस उपलब्धि पर मेडिकल टीम की सराहना करते हुए कहा कि हिमालयन हॉस्पिटल सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ऐसे जटिल उपचारों को न केवल सफलतापूर्वक अंजाम दिया जाता है, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों को हर कदम पर मार्गदर्शन और सहारा भी दिया जाता है।

श्रुति के माता-पिता ने अस्पताल और चिकित्सकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि परिवार ने पहले भी कई बार डॉक्टरों से परामर्श लिया, लेकिन इस तरह का ट्रांसप्लांट बच्चों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। खुशी के बोन मैरो डोनर बनने की वजह से श्रुति अब नई जिंदगी की ओर कदम बढ़ा रही है।

बोन मैरो ट्रांसप्लांट

बोन मैरो ट्रांसप्लांट एक चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें किसी व्यक्ति का बीमारी वाला या खराब बोन मैरो हटाकर उसे स्वस्थ बोन मैरो से बदल दिया जाता है। बोन मैरो को हड्डी का मज्जा भी कहा जाता है, जो शरीर में खून बनाने वाले महत्वपूर्ण कोशिकाओं का मुख्य स्रोत होता है।

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गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


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परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


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