गरीब से अचानक अमीर हुए यूट्यूबर अनुराग के करीबियों पर ईडी का शिकंजा, बैंक खातों की जांच
ईडी की छापेमारी के बाद चर्चा में आए अनुराग द्विवेदी के करीबियों पर अब शिकंजा कसा जा रहा है। ईडी के निशाने पर वह लोग हैं जो चार-पांच साल में गरीब से अमीर हो गए हैं। इनके बैंक खातों की जांच शुरू हो गई है।

साइकिल से चलते चलते कुछ ही सालों में लैंबोर्गिनी, बीएमडब्ल्यू जैसी सुपर कारों का मालिक बन गए यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के करीबियों पर अब शिकंजा कसा जा रहा है।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनुराग द्विवेदी और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि इन लोगों ने सट्टेबाजी, हवाला और अन्य अवैध तरीकों से अर्जित अकूत काली कमाई को म्यूल खातों के जरिए सफेद किया। गरीब और बेरोजगारों को केवल एक-दो प्रतिशत कमीशन देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। ईडी की टीम ने अब तक दर्जनों संदिग्ध खातों की पहचान की है। जिनसे बड़ी रकम का लेन-देन हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि कई खातों से विदेशी लेन-देन भी किए गए।
एजेंसी अब इन खातों के ट्रांजेक्शन हिस्ट्री, खाता धारकों की पृष्ठभूमि और संपर्क नंबरों की डिटेल जुटा रही है। यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हो रही है। जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। साइबर थाना पहले ही इस नेटवर्क में सक्रिय म्यूल खातों की पहचान कर चुका था, लेकिन हाल की कार्रवाई ने गंभीरता बढ़ा दी है।
दहशत में यूट्यूबर का पूरा सिंडिकेट
यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के घर और ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद पूरा सिंडिकेट दहशत में है। जांच की आंच सिर्फ अनुराग तक सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि उसकी काली कमाई से मालामाल हुए करीबियों तक भी पहुंच सकती है। इसी डर से जिले भर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद अनुराग द्विवेदी के करीबियों में बेचैनी साफ नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, अवैध कमाई से जुटाई गई अकूत संपत्ति का बड़ा हिस्सा उसने अपने विश्वासपात्रों के जरिए जनपद में खपाया। जमीन खरीद, महंगे मकान, लग्जरी वाहन और कारोबार में निवेश के जरिए काले धन को सफेद करने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसी को शक है कि बीते चार से पांच साल में अचानक अमीर बने कई लोग अनुराग के ही नेटवर्क का हिस्सा हैं। ऐसे कई नाम सामने आए हैं, जिनकी आय के स्रोत उनकी संपत्तियों से मेल नहीं खाते। ईडी इन सभी लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि म्यूल खातों के जरिए रकम ट्रांसफर की गई, ताकि असली चेहरे जांच से दूर रहें। जिन खातों में बिना किसी ठोस वजह के बड़ी रकम आई, वे अब जांच एजेंसी के रडार पर हैं। बैंक स्टेटमेंट, प्रॉपर्टी दस्तावेज और डिजिटल ट्रांजैक्शन खंगाले जा रहे हैं। ईडी की कार्रवाई के बाद अनुराग के कई करीबी या तो भूमिगत हो गए हैं या फिर कानूनी सलाह लेने में जुट गए हैं। उन्हें डर है कि कहीं जांच का फंदा उनके गले तक न पहुंच जाए। चर्चा है कि और भी नाम सामने आ सकते हैं।
ऑडियो वायरल: खुद को बेगुनाह और समाजसेवी बताया
ईडी की कार्रवाई के बीच यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह गंभीर आरोपों को नकारते हुए खुद को बेगुनाह बताते नजर आ रहा है। अनुराग ने टैक्स भुगतान, समाजसेवा और परिवार से दूरी जैसे निजी पहलुओं का खुलासा किया और मीडिया ट्रायल पर भी सवाल उठाए। ऑडियो में अनुराग ने कहा कि उनका उन्नाव से सीमित जुड़ाव रहा है, आरोप गलत हैं और वह हमेशा समाज और जरूरतमंदों की मदद में लगा रहा। दावा किया कि उन्होंने कई सालों से एंबुलेंस, कंबल और इलाज के खर्च जैसी समाजसेवा की है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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