मस्जिद में नमाज पढ़कर घर आ रहे युवक को खंभे से बांधकर पीटा, फिर पेट्रोल डालकर लगाई आग
बदायूं में नमाज़ पढ़ने की जगह को लेकर हुए विवाद के बाद दिनदहाड़े कुछ युवकों ने एक युवक को पकड़कर रस्सी से खंभे से बांध दिया और उस पर पेट्रोल डालकर ज़िंदा जलाने का प्रयास किया।

यूपी के बदायूं में नमाज़ पढ़ने की जगह को लेकर हुए विवाद के बाद दिनदहाड़े कुछ युवकों ने एक युवक को पकड़कर रस्सी से खंभे से बांध दिया और उस पर पेट्रोल डालकर ज़िंदा जलाने का प्रयास किया। आग में रस्सियां जलने से युवक खंभे से छूट गया और अधजली अवस्था में किसी तरह घर पहुंचा। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया है। युवक ज़िंदगी और मौत से जूझ रहा है।
मामला इस्लामनगर कोतवाली क्षेत्र के सहसवान रोड स्थित गोशिया मस्जिद का है। नगर पंचायत इस्लामनगर के मोहल्ला मुस्तफाबाद नई बस्ती निवासी 20 वर्षीय महबूब पुत्र सत्तर गुरुवार को सहसवान रोड स्थित मस्जिद में नमाज़ पढ़ने गए थे। इसी दौरान मस्जिद में नमाज़ पढ़ने की जगह को लेकर कुछ युवकों से कहासुनी हो गई। बाद में लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया और महबूब अपने घर लौट आए।
आरोप है कि शुक्रवार को फ़जर की नमाज़ के लिए महबूब फिर उसी मस्जिद में पहुंचा। नमाज़ पढ़ने के बाद जब वह अपने घर लौट रहा था, तभी मस्जिद से निकलते ही रास्ते में तीन युवकों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि युवकों ने महबूब को रस्सियों से खंभे से बांध दिया और उस पर पेट्रोल डालकर ज़िंदा जलाने की कोशिश की। आग लगाने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन आग की वजह से रस्सियां जल गईं, जिससे महबूब बंधनमुक्त होकर किसी तरह वहाँ से निकल गया। उसने तत्काल यूपी-112 पुलिस को सूचना दी और पुलिस के पहुँचने से पहले किसी तरह घर पहुँचकर परिजनों को पूरी आपबीती बताई।
परिजनों ने गंभीर रूप से झुलसे महबूब को रूदायन सीएचसी पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने हालत नाज़ुक देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उसे चंदौसी में निजी अस्पताल ले गए, जहां वह इस समय ज़िंदगी और मौत से जूझ रहा है। फिलहाल, दिनदहाड़े युवक को ज़िंदा जलाने के प्रयास की इस घटना से पूरे इस्लामनगर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


