माफियाओं के परिवार के खिलाफ ऐक्शन में योगी की पुलिस, अतीक के बाद मुख्तार की पत्नी पर शिकंजा
यूपी के गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियां अभिलेखागार से गायब करा दी गईं हैं। इसे लेकर मुख्तार की पत्नी अफ्शां अंसारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दो दिन पहले सांसद भाई अफजाल अंसारी के खिलाफ भी केस हुआ था।

यूपी में माफियाओं के परिवार के खिलाफ योगी की पुलिस ऐक्शन मूड में आ गई है। प्रयागरा में माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन और भाई अशरफ पर गैंगस्टर एक्ट के तहत करीब 345 करोड़ रुपये मूल्य की 18 चल एवं अचल संपत्तियां जब्त कर ली करने के बा गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां पर केस दर्ज किया गया है। शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियां गायब होने के मामले में पुलिस ने आफ्शां अंसारी समेत तीन पर मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन हों या मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी, दोनों ने लंबे समय से फरार हैं।
गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के गैंग ईएस-191 के सदस्यों और उनके सहयोगियों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच में लगातार गड़बड़ियां सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। गुरुवार को जांच के दौरान सामने आया कि गैंग के सरगना रहे मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस संख्या 1054/पी-11 से संबंधित लाइसेंस और क्रय-विक्रय की पत्रावलियां कथित रूप से लाइसेंसधारक और संबंधित शस्त्र लिपिकों की मिलीभगत और साजिश के तहत अभिलेखागार से गायब करा दी गईं हैं।
रिवाल्वर के बारे में नहीं पता लगा सकी पुलिस
इस लाइसेंस पर खरीदे गए एनपीबी रिवॉल्वर संख्या एबीएम 4299 की वर्तमान स्थिति भी नहीं पता चल पा रही है। इस मामले में आफ्शां अंसारी, तत्कालीन पटल सहायक प्रथम बृजनारायण राम और तत्कालीन पटल सहायक द्वितीय भीष्म सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 0540/2026 के तहत बीएनएस की धारा 409, 120बी, 419 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 21/25/30 में कार्रवाई की गई है। एएसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान आफ्शां बेगम के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस से संबंधित पत्रावलियां गायब मिलीं। इसी आधार पर कार्रवाई की गई है।
अफजाल अंसारी पर भी दो दिन पहले हुआ केस
हथियारों की खरीद-बिक्री से संबंधित मूल पत्रावलियां अभिलेखागार से गायब होने का मामला जांच के बाद सामने आया है। इससे पहले बुधवार को आईएस-191 गैंग के सरगना मुख्तार अंसारी के बड़े भाई और गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी समेत तत्कालीन दो शस्त्र लिपिकों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
कई राज्यों में पुलिस ने की थी जांच
अपर पुलिस अधीक्षक नगर और ग्रामीण के नेतृत्व में गठित टीमों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश में जाकर डीएम कार्यालयों और लाइसेंसी दुकानों के अभिलेखों की जांच की थी। जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्यों को जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों पर 145 हथियारों की खरीद-बिक्री हुई थी। सत्यापन के दौरान कई पत्रावलियां और क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेज अभिलेखागार में नहीं मिले। कुछ हथियारों की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका।
अतीक, अशरफ और शाइस्ता की 345 करोड़ की 18 संपत्तियां जब्त
वहीं प्रयागराज समेत कई जिलों में माफिया अतीक अहमद की पत्नी और गैंग से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है। प्रयागराज, कौशाम्बी और लखनऊ में स्थित मकान, व्यावसायिक एवं आवासीय भूखंड, कृषि भूमि, बैंक खातों में जमा धनराशि तथा वाहन जब्त किए गए हैं। दस्तावेजों के अनुसार प्रयागराज के चकिया, करेली, झूंसी, धूमनगंज, कसारी मसारी, देवघाट, सरेयां, रहीमाबाद, अकबरपुर मिर्जापुर और होलागढ़ समेत कई क्षेत्रों की संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में आई हैं। कौशांबी तथा लखनऊ के गोमतीनगर और शेखपुर स्थित अचल संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के 13 खातों में जमा धनराशि को भी सीज किया गया है।
123.28 करोड़ की कृषि भूमि
प्रयागराज। अतीक अहमद की एक कृषि भूमि सबसे मूल्यवान संपत्ति के रूप में सामने आई है। दस्तावेजों के अनुसार, होलागढ़ स्थित कृषि भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य 123.28 करोड़ रुपये आंका गया है, जो सूचीबद्ध सभी संपत्तियों में सबसे अधिक है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


