चकबंदी, क्षेत्र पंचायत पुनर्गठन और…, गांवों के लिए योगी सरकार के तीन बड़े फैसले
पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के बीच योगी सरकार ने गांवों के लिए तीन बड़े फैसले किए हैं। किसानों के ट्यूबवेलों के लिए 3000 करोड़ की मुफ्त बिजली, गांवों में चकबंदी चौपालों का आयोजन और प्रशासनिक सुगमता के लिए बड़ी क्षेत्र पंचायतों का पुनर्गठन किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। विधानसभा और विधान परिषद में सरकार की ओर से तीन बड़ी घोषणाएं की गईं, जिनका सीधा असर प्रदेश के करोड़ों ग्रामीणों और अन्नदाताओं पर पड़ेगा। पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के बीच इन फैसलों को सियासी नजरिए से भी देखा जा रहा है।
किसानों को मुफ्त बिजली: 16 लाख ट्यूबवेलों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में किसानों के लिए बड़ी सौगात देते हुए ऐलान किया कि प्रदेश के 16 लाख निजी ट्यूबवेलों (नलकूपों) को मुफ्त बिजली देने के लिए सरकार 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर रही है। सरकार के इस कदम से किसानों की सिंचाई लागत में भारी कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए किसानों को संसाधन संपन्न बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के लागू होने से उन लाखों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा जो बिजली बिल के बोझ तले दबे थे।
चकबंदी की समस्याओं का 'चौपाल' से समाधान
ग्रामीण क्षेत्रों में चकबंदी से जुड़े विवादों को खत्म करने के लिए सरकार अब किसानों के द्वार पहुंचेगी। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने निर्देश जारी किए हैं कि 23 से 28 फरवरी तक प्रदेश के चकबंदी वाले गांवों में विशेष चौपाल आयोजित की जाएगी।
इसका उद्देश्य किसानों का फीडबैक लेना और मौके पर ही समस्याओं का निस्तारण करना है।चकबंदी अधिकारी और बंदोबस्त अधिकारियों को हर गांव में दो-दो चौपाल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। आपसी सहमति से चकों का बंटवारा होने से मुकदमों में कमी आएगी और चकबंदी प्रक्रिया में तेजी आएगी।
क्षेत्र पंचायतों का होगा पुनर्गठन
बढ़ती आबादी और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए सरकार अब प्रदेश की क्षेत्र पंचायतों का पुनर्गठन करने जा रही है। विधान परिषद में नेता सदन और योगी सरकार में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जानकारी दी कि कई क्षेत्र पंचायतों की आबादी 3 से 4 लाख के पार पहुंच चुकी है और ग्राम पंचायतों की संख्या 100 से ऊपर है।
उदाहरण के तौर पर सिद्धार्थनगर की खेसरहा क्षेत्र पंचायत का मुद्दा उठा, जहां 99 ग्राम पंचायतें हैं। केशव मौर्य ने स्वीकार किया कि कई जगह यह संख्या 150 तक पहुंच गई है, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है। सरकार अब इन बड़ी पंचायतों को विभाजित कर नए ब्लॉक या क्षेत्र पंचायत बनाने पर विचार कर रही है ताकि विकास कार्य सुचारू रूप से चल सकें।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


