यूपी के गांवों में इस काम के लिए 5000 करोड़ रुपए और खर्च करेगी योगी सरकार, प्रस्ताव को मंजूरी
योगी सरकार यूपी के गांवों में इस काम के लिए 5000 करोड़ रुपए और खर्च करेगी। गांवों में घर-घर नल से पानी पहुंचाने की जल जीवन मिशन योजना को रफ्तार देने के लिए प्रदेश सरकार ने 5000 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति की है।

UP News: यूपी के गांवों में घर-घर नल से पानी पहुंचाने की जल जीवन मिशन योजना को रफ्तार देने के लिए प्रदेश सरकार ने 5000 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति की है। यह धनराशि केंद्र से योजना का पैसा मिलने की प्रत्याशा में मंजूर किया गया है। इस राशि से अधूरी पाइप पेयजल योजनाएं पूरी की जाएंगी और जो योजनाएं बनकर तैयार हैं लेकिन भुगतान या अन्य कारणों से चालू नहीं हो सकी हैं, उनका संचालन शुरू किया जाएगा। धनराशि स्वीकृति किए जाने संबंधी प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पाइप से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत बड़े पैमाने पर योजनाएं चल रही हैं। कई जिलों में पाइप लाइन और टंकी का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन धनराशि के अभाव में कुछ योजनाएं पूरी तरह चालू नहीं हो पा रही हैं. इसी को देखते हुए राज्य सरकार अतिरिक्त 5000 करोड़ रुपये राज्यांश के रूप में देगी।
अधूरी परियोजनाओं का शुरू होगा संचालन
योजना के तहत सबसे पहले उन पाइप पेयजल योजनाओं की बकाया देनदारियां चुकाई जाएंगी जो भौतिक रूप से पूरी हो चुकी हैं लेकिन अभी तक चालू नहीं हो सकी हैं। इसके बाद 90 से 100 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी योजनाओं को तेजी से पूरा कर संचालन और अनुरक्षण में लाया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में गांवों में नल से पानी की आपूर्ति शुरू हो सकेगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार विन्ध्य और बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 63 सतही जल आधारित और 548 भूगर्भ जल आधारित पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में 36232 भूगर्भ जल आधारित योजनाएं निर्माणाधीन हैं। जल गुणवत्ता से प्रभावित जिलों में सतही स्रोत आधारित 14 योजनाएं भी बनाई जा रही हैं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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