योगी सरकार इन जिलों में खोलेगी छह नए हॉस्टल, 70 प्रतिशत सीटें इनके लिए आरक्षित
योगी सरकार यूपी के चार प्रमुख जिलों में छह नए राजकीय छात्रावास बनाने जा रही है, जिसमें सीटों के आवंटन को लेकर एक बड़ा नियम तय किया गया है। बजट की कमी के कारण अटकी इस योजना को राज्य सरकार ने अतिरिक्त फंड देकर हरी झंडी दी है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और समाज के वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के चुनिंदा जिलों में छह नए राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों (Hostels) के निर्माण की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी गई है। इन छात्रावासों के बन जाने से उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा ग्रहण कर रहे उन सैकड़ों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जो आर्थिक तंगी के कारण सुरक्षित और सुविधाजनक आवास की कमी महसूस करते थे। सरकार की इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका आरक्षण मॉडल और आधुनिक सुविधाएं हैं, जो इसे सामान्य हॉस्टलों से अलग बनाती हैं।
इन खास वर्गों के लिए सुरक्षित होंगी सीटें
राज्य सरकार की नई नीति के अनुसार, इन निर्माणाधीन छात्रावासों में सीटों का आवंटन एक विशेष कोटे के तहत किया जाएगा। प्रत्येक हॉस्टल में कुल क्षमता की 70 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए पूरी तरह आरक्षित रखी गई हैं। शेष 30 प्रतिशत सीटों पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य श्रेणी के मेधावी छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इससे छात्रावासों में एक समावेशी शैक्षिक वातावरण तैयार होगा। ये हॉस्टल कक्षा 9 से लेकर स्नातकोत्तर (PG) तक की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होंगे, जिससे शोध और उच्च शिक्षा की राह आसान होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे छात्रावास
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत बनने वाले ये हॉस्टल केवल रहने का स्थान मात्र नहीं होंगे, बल्कि इन्हें एक आधुनिक कैंपस के रूप में विकसित किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, 50 से 100 बेड की क्षमता वाले इन भवनों में छात्रों के लिए सुसज्जित कक्ष, एक आधुनिक मेस, मनोरंजन कक्ष, एक समृद्ध पुस्तकालय और सुरक्षा के लिए गार्ड रूम के साथ-साथ छात्रावास अधीक्षक का आवास भी परिसर में ही होगा। सबसे दिलचस्प बात यह है कि छात्रों से नाममात्र का 25 रुपये प्रति माह किराया लिया जाएगा। यह प्रतीकात्मक शुल्क इसलिए रखा गया है ताकि छात्रों की स्कॉलरशिप प्रक्रिया में कोई तकनीकी बाधा न आए और उनकी पात्रता बनी रहे।
बजट की बाधा दूर, राज्य सरकार ने दिया 'टॉपअप'
इन छात्रावासों का निर्माण काफी समय से बजट की कमी के कारण अटका हुआ था। केंद्र सरकार की पीएम-अजय योजना के तहत प्रति छात्र 3 लाख रुपये के हिसाब से फंड दिया जाता है, जो वर्तमान निर्माण लागत के लिहाज से कम पड़ रहा था। केंद्र से मिली 24.90 करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त नहीं थी, जिसे देखते हुए योगी सरकार ने राज्य के बजट से 13.08 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टॉपअप देने का फैसला किया है। इस वित्तीय सहयोग से अब फिरोजाबाद, जौनपुर, हाथरस और सुलतानपुर जैसे जिलों में निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो सकेगा। फिरोजाबाद में अकेले तीन छात्रावास बनाए जाएंगे, जबकि अन्य जिलों में विशेष बेड क्षमता वाले हॉस्टल तैयार किए जाएंगे।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
और पढ़ें

