Hindi NewsUP Newsyogi government takes major action against drug trade in up changes licensing rules know details
यूपी में मेडिकल स्टोर लाइसेंस के लिए बढ़ा दी गई कागजी कार्रवाई, योगी सरकार का आदेश; जानें वजह

यूपी में मेडिकल स्टोर लाइसेंस के लिए बढ़ा दी गई कागजी कार्रवाई, योगी सरकार का आदेश; जानें वजह

संक्षेप:

थोक दुकानों के लाइसेंस के लिए योगी सरकार ने कागजी कार्रवाई बढ़ा दी है। लाइसेंस का आवेदन करने से दौरान आवेदक को पिछले अपने तीन साल के व्यवसाय का रिकॉर्ड देना होगा। शपथ पत्र भी देना होगा। इसके अलावा आवेदक के अनुभव की जांच भी होगी। आमतौर पर आवेदक किसी दूसरे थोक दुकान से अनुभव का प्रमाण पत्र लगाते हैं।

Jan 05, 2026 05:33 pm ISTAjay Singh वरिष्ठ संवाददाता, गोरखपुर
share Share
Follow Us on

यूपी में नशीली दवा के धंधे पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। थोक दुकानों के लाइसेंस के लिए कागजी कार्रवाई बढ़ा दी है। लाइसेंस का आवेदन करने से दौरान आवेदक को पिछले अपने तीन साल के व्यवसाय का रिकॉर्ड देना होगा। इस संदर्भ में शपथ पत्र भी देना होगा। इसके अलावा आवेदक के अनुभव की जांच भी होगी। आमतौर पर आवेदक किसी दूसरे थोक दुकान से अनुभव का प्रमाण पत्र लगाते हैं। अब अनुभव प्रमाण पत्र का वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने वाली फर्म पर जाकर इसकी जांच करेंगे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

खाद एवं औषधि प्रशासन की ओर से जारी नए निर्देश में अनुसार लाइसेंस के आवेदन के दौरान प्रस्तावित थोक दुकान परिसर में मौजूद भंडारण व्यवस्था रेफ्रिजरेटर, कोल्ड रूम, बिजली व्यवस्था के साथ ही साइन बोर्ड और आसपास की दुकान का भी फोटो अपलोड करना होगा। अनुभव के प्रमाण पत्र के साथ ही वेतन भुगतान, हाजिरी रजिस्टर और प्रमाण पत्र देने वाले फार्म के लाइसेंस का भी वेरीफिकेशन होगा।

ये भी पढ़ें:नामी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में कांड, सो रहे बीटेक छात्र पर ईंट से ताबड़तोड़ वार

सहायक आयुक्त करेंगे 10 फीसदी दुकानों की जांच

सहायक आयुक्त पूरनचंद ने बताया कि शासन ने नए फरमान में सहायक आयुक्त की भी जिम्मेदारियां को बढ़ा दिया है। सहायक औषधि आयुक्त को अब हर नए लाइसेंस के 10 फीसदी का औचक जांच करना होगा। उनकी रिपोर्ट लगेगी। यह जांच लाइसेंस जारी होने के बाद होगी। औषधि एवं प्रशासन सामग्री नियमावली 1945 के नियम 64, 65 एवं 65-ए के अंतर्गत थोक विक्रय लाइसेंस को जारी करते के दौरान कई शर्तें तय कर दी है।

ये भी पढ़ें:चेहरा दिखाओ तभी दुकान में आओ; इस शहर में घूंघट-नकाब वाली औरतों को दूर से नमस्ते

फर्म की पार्टनरशिप डीड सर्टिफिकेट, इनकॉर्पोरेशन, मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन, आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन, पॉवर ऑफ अटॉर्नी, शपथ पत्र, ट्रस्ट डीड और पार्टनरशिप डीड जैसे महत्वपूर्ण अभिलेखों को अनिवार्य कर दिया है।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh
अजय कुमार सिंह दो दशक से अधिक अनुभव वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और टीवी होते हुए अब डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ीं खबरों को गहराई से कवर किया है। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |