यूपी के 20 लाख घरों में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड की सुविधा देने जा रही योगी सरकार, किसे मिलेगा लाभ?
यूपी के 20 लाख घरों में योगी सरकार हाई स्पीड ब्रॉडबैंड की सुविधा देगी। मंगलवार को सीएम योगी प्रोजेक्ट गंगा को लांच करेगी। यह सुविधा अगले तीन सालों में दी जाएगी।

Yogi Government: यूपी में प्रोजेक्ट गंगा के तहत करीब 8 हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर नियुक्त होंगे। सर्विस प्रोवाइडर चयन का काम वन ओटीटी कंपनी करेगी। इसके सहारे 20 लाख घरों तक हाईस्पीड ब्राडबैंड कनेक्टिविटी की सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रोजेक्ट गंगा (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एडवाांसमेंट) लांच करेंगे।
अगले तीन सालों में यह सुविधा दी जाएगी। उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन (एसटीसी) ने 9 मार्च 2026 को हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस (एचजीएस) की ब्राडबैंड यूनिट वन ओटीटी इंटरटेनमेंट लि. के तहत एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। इस प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण तथा अद्धशहरी क्षेत्रों को ब्राडबैंड सेवा से जोड़ा जाएगा। पहले इस प्रोजेक्ट में श्रावस्ती, बलरामपुर और बहराइच को शामिल किया गया था। अब सभी जिलों में यह सुविधा दी जाएगी।
डिजिटल सेवाएं गांवों तक पहुंचेंगी
गांवों में हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने पर लोग डिजिटल साक्षर होंगे। इससे ग्रामीण आबादी को टेलीमेडिसिन, वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लासेज, ई-कॉमर्स जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा
न्याय पंचायत स्तर पर चयनित डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर को कंपनी प्रशिक्षित करेगी। उसके बाद मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से ऋण दिलाकर सेंटर विकसित करेगी। इसी सेंटर से ब्राडबैंड कनेक्शन, बिलिंग तथा ऑनलाइन सेवाएं संचालित की जाएंगी। शिकायतों का निस्तारण भी यही सेंटर कराएगा। डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर अपने कर्मचारी भी रखेगा, ताकि सुविधाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
महिलाओं को 50% आरक्षण
इसमें लैंगिक समानता का भी ध्यान रखा गया है। जिसके तहत स्थानीय उद्यमियों (डीएसपी) के चयन में 50% महिलाओं की भागीदारी होगी। किसी सेंटर के संचालन के लिए एक से अधिक आवेदन आने पर तकनीकी और वित्तीय रूप से मजबूत व्यक्ति को डीएसपी नियुक्त किया जाएगा।
यूपी में टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम
वहीं दूसरी ओर यूपी को टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी के नेतृत्व में देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं परिधान विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। योगी सरकार ने वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संत कबीर नगर और बिजनौर में पांच बड़े टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना बनाई है। इन पार्कों के लिए कुल 326 एकड़ से अधिक भूमि चिह्नित की गई है और सभी भूमि पार्सलों के हस्तांतरण को मंत्रिमंडल की मंजूरी भी मिल चुकी है। इस योजना के तहत वाराणसी के रामना में 75 एकड़, अमरोहा में 79.825 एकड़, बरेली के बहेड़ी में 79.580 एकड़, संत कबीर नगर के मगहर में 39.490 एकड़ तथा बिजनौर के नगीना में 52.910 एकड़ भूमि पर पार्क विकसित किए जाएंगे।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


