यूपी के इन दो क्षेत्रों के लिए योगी सरकार खोलेगी खजाना, बजट और विकास निधि में मिलेगा बड़ा हिस्सा
योगी सरकार बुधवार यानी 11 फरवरी को बजट पेश करेगी। नौ लाख करोड़ के भारी भरकम बजट में से यूपी के दो क्षेत्रों के लिए खजाना खुलने जा रहा है। इस इलाके को बजट और विकास निधि में का बड़ा हिस्सा मिलेगा।

अगले साल होने वाले विधानभा चुनाव से पहले योगी सरकार 11 फरवरी को इस कार्यकाल का आखिरी आम बजट पेश करेगी। तकरीबन 9 लाख करोड़ के इस बजट में बुनियादी सुविधाओं के साथ महिलाओं के लिए विशेष प्रावधानों की उम्मीद जताई जा रही है। क्षेत्रवार बात करें तो पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए सरकार अपने खजाने से बड़ी रकम आवंटित कर सकती है। दोनों क्षेत्रों की विकास निधि में भी लगभग 1900 करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं।
आर्थिक तौर पर पिछड़े क्षेत्र बुंदेलखंड और पूर्वांचल में सरकार बुनियादी सुविधा व उद्योग को बढ़ावा देने में जुटी है। सरकार की मंशा इन क्षेत्रों में विकास से पूर्वांचल और बुंदेलखंड को आर्थिक विकास के रास्ते पर ले जाना है। सरकार नोएडा की तरह बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) को विकसित करना चाहती है। करीब 56,662 एकड़ भूमि पर बीडा को विकसित किया जाना है। इसके लिए सरकार को अभी 23 हजार एकड़ से ज्यादा भूमि का अधिग्रहण करना है। इतनी बड़ी भूमि के अधिग्रहण और उसके बाद वहां बुनियादी सुविधाओं के विकास पर बड़ी रकम की जरूरत है।
सरकार अपने आखिरी बजट में इस काम को गति दे सकती है। पूर्वांचल में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए रकम का आवंटन की उम्मीद है। लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने के लिए बजट में इंतजाम होंगे। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे, गंगा व जेवर को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेस-वे और आगरा एक्सप्रेस वे से फर्रुखाबाद को जोड़ने के लिए भी रकम की व्यवस्था होगी।
महिलाओं के लिए बड़ा बजट
सामाजिक पेंशन के अलावा आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में इजाफे की घोषणा होने की उम्मीद है। चुनाव में जाने के पहले सरकार महिलाओं और युवाओं को भी लुभाने का प्रयास करेगी। निराश्रित महिला पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन का आकार बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह बनाकर अपना कामकाज का रही ग्रामीण महिलाओं की मदद के लिए अतिरिक्त रकम की व्यवस्था की जा सकती है। केंद्र सरकार ने आम बजट में शी- मार्ट योजना की घोषणा की है। यूपी सरकार स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की हिस्सेदारी तीन करोड़ तक किए जाने की तरफ आगे बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में इजाफे की भी उम्मीद है।
अनुदेशकों के लिए इंतजाम
अनुदेशकों के बढ़े मानदेय और एरियर के लिए भी सरकार बजट में प्रावधान कर सकती है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किए जाने और एरियर देने की बात कही है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक हर अनुदेशक का आठ लाख के करीब एरियर देना होगा और प्रदेश में 25 हजार अनुदेशक हैं। शिक्षामित्रों का भी मानदेय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा बेसिक, माध्यमिक और वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व रसोइयों के लिए बीमा योजना के लिए भी बजट में बड़ी रकम आवंटित की जा सकती है।
अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में भी सरकार इस बजट में बढ़ती नजर आ सकती है। निवेश और उद्योग के लिए बड़ी रकम का इंतजाम इस बजट में दिखाई दे सकता है। नौ लाख करोड़ रुपये के बजट में करीब 2.5 लाख करोड़ बुनियादी सुविधाओं पर खर्च करने का प्रावधान हो सकता है। सेमीकंडक्टर समेत अन्य उद्योगों से यूपी में निवेश लाने के लिए उद्योगों को दी जाने वाली रियायत के लिए बजट में इंतजाम हो सकता है। इंसेंटिव के लिए पिछले बजट में हुई व्यवस्था का आकार बढ़ सकता है। बिजली क्षेत्रों में सुधार के लिए भी अच्छी रकम दी जा सकती है। ऊर्जा इकाइयों की स्थापना, किसानों को मुफ्त बिजली देने की योजना का आकार बढ़ाने और बिजली के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए सरकार पैसे के इंतजाम को प्राथमिकता दे सकती है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
वृंदावन व विंध्य कॉरिडोर के लिए तो बजट में पैसा होगा ही, इसके साथ और भी कॉरिडोर बनाने के लिए सरकार खाका खींच रही है। सरकार बीते काफी समय से हिंदू धार्मिक मान्यता वाले स्थलों के विकास के लिए प्रयास कर रही है। अयोध्या और काशी के बाद मथुरा और विंध्य पर सरकार का खास फोकस है। संस्कृति और पर्यटन विभाग ने कई मंदिरों के रखरखाव और वहां पर्यटन सुविधाओं के इजाफे के लिए रकम की मांग की है।
सामूहिक विवाह योजना की रकम बढ़ेगी
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की रकम में बढ़ोतरी संभव है। वर्ष 2017 में शुरू हुई इस योजना से सरकार जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का सामूहिक विवाह करवाती है। बीते कुछ समय से सोने - चांदी की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के बाद पहले से तय रकम में इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है।
संकल्प पत्र के वादों पर होगा फोकस
इसके अलावा चुनावी साल से पहले पेश होने वाले बजट में सरकार का फोकस उन वादों को पूरा करने पर भी होगा, जिसे भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में शामिल किए थे। इनमें से ज्यादातर वादों को सरकार पिछले बजटों में शामिल कर चुकी है। अभी भी जो वादे बचे हैं, उन्हें बजट में शामिल करने की कवायद की जा रही है।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


