यूपी के अधिकारियों-कर्मचारियों को यह कोर्स करना जरूरी, योगी सरकार ने जारी किया आदेश

Feb 21, 2026 11:06 am ISTYogesh Yadav विजय वर्मा, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 'मिशन कर्मयोगी' के तहत 63 विभागों के 17 लाख कर्मचारियों के लिए एआई (AI) कोर्स अनिवार्य कर दिया है। प्रमुख सचिव नियुक्ति ने आदेश जारी कर दिया है। 

यूपी के अधिकारियों-कर्मचारियों को यह कोर्स करना जरूरी, योगी सरकार ने जारी किया आदेश

उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पूरी तरह से 'स्मार्ट' और 'हाइटेक' होने जा रही है। प्रदेश की योगी सरकार ने 'मिशन कर्मयोगी भारत' के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य के सभी 63 विभागों के 17 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि तकनीकी दक्षता अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है।

आदेश से मची हलचल

शासन ने 12 फरवरी 2026 को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए थे। इसके ठीक अगले दिन, 13 फरवरी को प्रमुख सचिव नियुक्ति की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों का पंजीकरण 'कर्मयोगी भारत' पोर्टल पर सुनिश्चित कराएं। आदेश के मुताबिक, प्रत्येक कर्मचारी को पोर्टल पर उपलब्ध कुल तीन पाठ्यक्रमों (कोर्स) को सफलतापूर्वक पूरा करना होगा, जिनमें से 'एआई का परिचय' (Introduction to AI) का कोर्स करना हर हाल में अनिवार्य होगा।

कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन का गठन

सरकार ने केवल आदेश ही जारी नहीं किए, बल्कि इस प्रशिक्षण को सुव्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए 'कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन' का गठन भी कर दिया है। यह कमीशन विशेषज्ञों के साथ मिलकर कर्मचारियों के लिए ऐसा पाठ्यक्रम तैयार करेगा जो सरकारी कामकाज में सहायक हो। इसी कड़ी में आवास विभाग ने भी अपने स्तर पर 'प्रदेश स्तरीय कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन' का गठन कर दिया है, ताकि विभाग के भीतर डिजिटल कार्यक्षमता को तेजी से बढ़ाया जा सके।

डिजिटल प्रशासन और स्मार्ट वर्किंग का लक्ष्य

शासन के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन लाएगा। डिजिटल प्रशासन की ओर बढ़ते कदमों के बीच एआई की मदद से फाइलों के त्वरित निस्तारण, जनशिकायतों के सटीक समाधान और विशाल डेटा के विश्लेषण में आसानी होगी। उदाहरण के तौर पर, एआई के जरिए यह पता लगाना आसान होगा कि किस विभाग में शिकायतें लंबित हैं और उनके समाधान में कहाँ देरी हो रही है।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

आदेश में एक सख्त चेतावनी भी शामिल है। शासन ने साफ किया है कि जो अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना एआई कोर्स पूरा नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध विभागीय स्तर पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके पीछे सरकार की मंशा यह है कि उत्तर प्रदेश का हर सरकारी कार्यालय कागजी खानापूर्ति से बाहर निकलकर 'स्मार्ट वर्किंग' और 'टेक्नोलॉजी ड्रिवेन' बने।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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