
योगी सरकार 21 जिलों के 64 ब्लॉकों में चलाने जा रही बड़ा अभियान, घर-घर जाएंगी टीमें
योगी सरकार उत्तर प्रदेश के 21 जिलों के 64 ब्लॉकों में बड़ा अभियान चलाने जा रही है। यह अभियान 10 से 28 फरवरी के बीच चलेगा। इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी किया गया है। टीमें-टीमें घर जाएंगी।
यूपी में फाइलेरिया उन्मूलन में आगामी सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान निर्णायक साबित होगा। योगी सरकार इसके लिए हर पहलू से तैयारी कर रही है। प्रदेश के 21 जिलों के 64 ब्लॉकों में यह अभियान 10 से 28 फरवरी के बीच चलेगा। लक्ष्य यह है कि कोई भी व्यक्ति दवा खाने से रह न जाए। स्वास्थ्य महानिदेशक ने तैयारियों के बारे में सभी संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभियान के तहत टीमें घर-घर जाएंगी।
राज्य के 51 जिलों के 782 फाइलेरिया प्रभावित ब्लाक में से 718 ब्लॉक में संक्रमण दर एक प्रतिशत से नीचे लाने में सफलता मिली है। इसीलिए इस बार सिर्फ 64 ब्लॉक में आईडीए अभियान चलाया जाएगा। संक्रमण दर घटने के कारण ही इस बार से साल में सिर्फ एक बार आईडीए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
अभियान में सबसे ज्यादा शाहजहांपुर के 13 ब्लाक हैं। बलिया के 12, बाराबंकी के सात, उन्नाव व चित्रकूट के चार-चार ब्लाक में यह अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा प्रतापगढ़ में तीन, हरदोई, प्रयागराज, सोनभद्र, कौशांबी, अयोध्या व भदोही में दो-दो ब्लाक में आईडीए अभियान चलाया जाएगा। लखनऊ के माल ब्लाक समेत रायबरेली, अंबेडकरनगर, खीरी, पीलीभीत, औरेया, बांदा, फतेहपुर व बहराइच में सिर्फ एक-एक ब्लाक में फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी।
डीजी ने दिए रैपिड रेस्पांस टीमें गठित करने के निर्देश
स्वास्थ्य महानिदेशक डा. रतन पाल सिंह सुमन ने सभी 21 जिलों के सीएमओ को पत्र जारी कर माइक्रो प्लानिंग करने के निर्देश दिए हैं। पत्र के अनुसार प्रत्येक कार्य दिवस में हर टीम को 25 घरों में जाकर दवा खिलानी होगी। डीजी हेल्थ ने अभियान शुरू होने से पहले जिला स्तरीय व ब्लाक स्तरीय रैपिड रेस्पांस टीम का गठन करने के भी निर्देश दिए हैं। यह टीमें अपने क्षेत्र में दवा सेवन के बाद किसी भी प्रकार के विपरीत प्रभाव का त्वरित गति से समाधान करेंगी। उन्होंने आईडीए से पहले अंतरविभागीय समन्वय बैठक करा लेने के भी निर्देश दिए हैं। राज्य फाइलेरिया अधिकारी डा. एके चौधरी ने बताया कि अभियान को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। दिसंबर में ही मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण दे दिया गया है। अब वे जिलों में अपने सहयोगियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। अभियान की सफलता के लिए अंतरविभागीय प्रशिक्षण इस महीने किए जाएंगे।





