Hindi NewsUP NewsYogi government gave big relief to vehicle owners of UP challans waived in five years
यूपी के वाहन मालिकों को योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, पांच सालों में हुए चालान माफ

यूपी के वाहन मालिकों को योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, पांच सालों में हुए चालान माफ

संक्षेप:

यूपी के वाहन मालिकों को योगी सरकार ने बड़ी राहत दे दी है। पांच सालों में हुए चालान माफ कर दिए गए हैं। यूपी में बड़ी संख्या में वाहन चालकों का ई चालान कटा है लेकिन इसे जमा नहीं किया गया था। इससे वाहनों के परमिट और ट्रांसफर आदि में परेशानी आ रही थी। इन परेशानियों को दूर करने के लिए फैसला हुआ है।

Sep 16, 2025 05:57 pm ISTYogesh Yadav लखनऊ वार्ता
share Share
Follow Us on

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वाहन मालिकों को बड़ी राहत दे दी है। सरकार ने 2017 से 2021 यानी पांच सालों के बीच हुए ई-चालानों को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला लिया है। अगर आपका इन पांच सालों में चालान हुआ है तो इसे जमा करने की जरूरत नहीं होगी। पूरा चालान माफ होगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय से लाखों वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने कहा है कि अब इन लंबित चालानों को पोर्टल पर डिस्पोज्ड-अबेटेड या क्लोज्ड-आर की श्रेणी में दिखाया जाएगा। इससे उनसे जुड़े सभी अवरोध खुद हट जाएंगे। इस फैसले के दायरे में केवल गैर-कर चालान शामिल हैं। टैक्स से जुड़े चालान, गंभीर अपराधों, दुर्घटनाओं या आईपीसी से संबंधित मामलों पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

आंकड़ों के मुताबिक 2017 से 2021 के बीच कुल 30.52 लाख ई-चालान बनाए गए थे। इनमें से 17.59 लाख का निपटारा पहले ही हो चुका था, जबकि 12.93 लाख चालान लंबित थे। लंबित चालानों में से 10.84 लाख मामले कोर्ट में और 1.29 लाख मामले कार्यालय स्तर पर लंबित थे। अब इन सभी का डिजिटल निपटारा एक तय समय-सीमा में पूरा किया जाएगा।

ये भी पढ़ें:लखनऊ में बारिश से भारी भरकम पेड़ गिरा, एक मरा, कई दबे, डिप्टी सीएम भी पहुंचे

30 दिनों में पूरी होगी प्रक्रिया

विभाग के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया 30 दिनों में पूरी कर दी जाएगी। इसके बाद वाहन स्वामी परिवहन पोर्टल पर जाकर अपने चालान की स्थिति देख सकेंगे। लंबित मामले क्लोज्ड- टाइम-बार के रूप में दर्ज होंगे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल एक बार का निपटारा है, यानी न तो किसी को रिफंड मिलेगा और न ही पुराने चालान दोबारा खोले जाएंगे।

फ्रंट-एंड पर सभी अवरोध हटा दिए जाएंगे, जबकि बैक-एंड पर पूरा रिकॉर्ड और ऑडिट ट्रेल सुरक्षित रहेगा। विभाग ने यह निर्णय कानून का पालन सुनिश्चित करने, जनता को अनावश्यक चालानों और ब्लॉकों से राहत देने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लिया है।

तकनीकी बदलाव और पारदर्शिता

सभी लंबित चालानों का पोर्टल पर निपटारा 30 दिनों के भीतर हो इसके लिए हर हफ्ते डैशबोर्ड पर एक प्रगति रिपोर्ट डाली जाएगी। एनआईसी पोर्टल में जरूरी बदलाव कर रहा है ताकि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित रहे।

परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने इस फैसले को कानूनन सही और जन-हितैषी बताया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य नागरिकों को सुगमता, सुरक्षा और सम्मानजनक सेवा अनुभव देना है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तय समय-सीमा में इस आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।