वृद्धा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला, योगी की कैबिनेट मीटिंग में 20 अहम प्रस्ताव पर लगी मुहर
यूपी की राजधानी लखनऊ में योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। योगी कैबिनेट में 20 अहम प्रस्ताव पास हुए। वृद्धा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। इस फैसले के बाद बुजुर्गों को अब वृद्धावस्था के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप जीत पर भी कैबिनेट ने बधाई दी हैं। दिल्ली की आतंकी घटना की कैबिनेट ने की निंदा की। इसके बाद बेठक में 20 अहम प्रस्ताव पर मुहर लगी है। वृद्धा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। इस फैसले के बाद बुजुर्गों को अब वृद्धावस्था के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। समाज कल्याण विभाग काल सेंटर के माध्यम से बुजुर्गों को फ़ोन कर उनकी सहमति लेगा और फिर कॉमन सर्विस सेंटर की मदद से ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन कराया जाएगा।
फैमिली आईडी से इसे जोड़कर ऑनलाइन सत्यापन होगा। फिर उन्हें पेंशन मिलेगी अभी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पाँच जिलों हरदोई, गाजियाबाद, गोरखपुर, कन्नौज और ललितपुर में शुरू करने की तैयारी है। फिर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। अभी 67.50 लाख बुजुर्गों को हर महीने एक हजार रुपए पेंशन मिलती है ।
अभी ऑनलाइन आवेदन करने के बाद शहर में एसडीएम और गांव में बीडीओ सत्यापन करता है। फिर डीएम की कमेटी इसे जाँच कर स्वीकृति देती है और समाज कल्याण अधिकारी ऑनलाइन खाते में रकम भेजने को हरी झंडी देते हैं । अब लंबी चौड़ी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।60 वर्ष से अधिक उम्र के शहरी इलाके में रहने वाले बुजुर्ग जिनकी वार्षिक आय 56460 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये है उन्हें इसका लाभ दिया जाता है ।
इन प्रस्तावों पर भी मुहर
इसके अलावा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपर निजी सचिव के 156 पदों का निजी सचिव ग्रेड 1 के पदों पर किए गए उच्चीकरण एवं निजी सचिव संवर्ग के 446 पदों में विभाजन का प्रस्ताव भी पास हो गया है। ग्रेटर नोएडा से बलिया तक आठ लेन एक्सप्रेसवे परियोजना का कार्य अब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के जरिए किया जाएगा। आबकारी विभाग का पेय प्रयोजनार्थ एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल पर विशेष परमिट फीस लगाने का प्रस्ताव भी लाया गया।
उत्तर प्रदेश अभियंता सेवा (पीडब्ल्यूडी) (उच्चतर) नियमावली 1990 के नियम 4,5,8 और 13 में संशोधन का प्रस्ताव आ सकता है। राज्य सं1-वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्गों को भटकना नहीं पड़ेगा।
नोएडा के जेपी ग्रुप से नोएडा से बलिया तक के आठ लेन एक्सप्रेसवे बनाने का अनुबंध रद्द
-राज्य सरकार ने बसपा सरकार में वर्ष 23 मार्च 2008 को यूपीडा और जेपी गंगा इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच हुए समझौते को रद्द कर दिया है।
-सरकार इसके लिए जेपी गंगा इंफ्रास्ट्रक्चर को 3. 26 करोड़ रुपये लौटाएगी। यह राशि भूमि अधिग्रहण के लिए जमा की गई 25.96 करोड़ रुपये की धनराशि में से बच गई थी।
अब सात मीटर चौड़ी सड़क पर बन सकेंगे प्लेज पार्क
-अभी तक कम से कम 12 मीटर चौड़ी सड़क जरूरी थी।
-अब सात मीटर और 1.5 मीटर का पेवमेट भी शामिल होगा।
-न्यायिक सेवा के अधिकारियों को कार खरीदने के लिए सस्ती दर पर मिलेगा लोन
-अब दो लाख तक के किरायेदारी के करारनामे के लिए देनी होगी 500 स्टांप फीस
-शाहजहांपुर में बनेगा निजी विश्वविद्यालय
-लेखपाल के पद पर दो फीसदी योग्य कर्मचारियों की हो सकेगी प्रोन्नति
-गन्ना मूल्य को कैबिनेट की मंजूरी, अगेती जाति के लिए 400 रुपये एसएपी तय
-उत्तर प्रदेश दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम अब पूरे राज्य में लागू होगा।
-इसे 20 अथवा 20 से अधिक कर्मचारों की नियुक्ति करने वाले संस्थानों पर लागू किया जाता है।
-अभी तय यह सिर्फ नगरीय सीमा में लागू होता था अब इसे संपूर्ण राज्य में कर दिया गया है।पत्ति विभाग की ओर से नीलाम किए गए 14 वाहनों की जगह 14 नए वाहन खरीदे जाने का प्रस्ताव है।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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