यूपी में कैशलेस इलाज बीमा योजना से जुड़ा एक और बड़ा वर्ग, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

Mar 10, 2026 03:54 pm ISTAjay Singh लाइव हिन्दुस्तान
share

Yogi Cabinet Decisions: कैशलेस इलाज की सुविधा से यूपी का एक और बड़ा वर्ग जुड़ गया है। सीएम योगी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा के शिक्षकों-कर्मचारियों को इसमें शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस योजना से सरकारी खजाने पर 31.92 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ेगा।

यूपी में कैशलेस इलाज बीमा योजना से जुड़ा एक और बड़ा वर्ग, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

UP Cashless treatment facility News: सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश में एक और बड़े वर्ग को कैशलेस इलाज की सुविधा से जोड़ने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग से सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्चविद्यालयों के नियमित और स्ववित्तपोषित शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों को फायदा होगा। इस योजना से निजी अस्पताल भी जुड़ेंगे। योजना के तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा बैठक में योगी कैबिनेट ने प्रदेश के विकास और सुशासन से जुड़े 30 प्रस्तावों पर मुहर लगाई।

उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि इस निर्णय के तहत, उच्च शिक्षा के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को नकद रहित (कैशलेस) चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर उच्च शिक्षा के शिक्षकों को नकद रहित चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी। इस योजना में अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक और राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक शामिल होंगे। शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। इस योजना के तहत शिक्षकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ संबद्ध निजी अस्पतालों में भी नकद रहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

कितना आएगा खर्च?

मंत्री ने बताया कि इस योजना पर प्रति शिक्षक 2479.70 रुपये का प्रीमियम व्यय होगा, जिससे 1,28,725 शिक्षक लाभान्वित होंगे। इस पर सरकार को लगभग 31 करोड़ 92 लाख 38 हजार रुपये प्रतिवर्ष का व्यय वहन करना पड़ेगा, जिसकी व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग के बजट से की जाएगी।

कितने तक का करा सकेंगे इलाज?

इस योजना का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक की नकद रहित (कैशलेस) चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी, जिसकी दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी।

कब तक उपलब्ध कराना होगा विवरण?

इस योजना के लाभार्थियों और उनके आश्रितों का विवरण उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 30 जून तक साचीज को उपलब्ध कराया जाएगा। जो व्यक्ति पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना से आच्छादित होंगे, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।

बता दें कि उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को भी इस योजना में लाभ देने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। शासन स्तर पर इसे लेकर विचार विमर्श चल रहा था। इस साल की शुरुआत में जनवरी महीने में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्ववित्त पोषित एवं सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों और उनके परिवार के आश्रित सदस्यों को सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की घोषणा की थी। तब उच्च शिक्षा के अनुदानित और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मियों को शामिल नहीं किया गया था।

तब स्ववित्तपोषित और एडेड डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों का कहना था कि उन्हें भी इस योजना में शामिल किया जाना चाहिए। शिक्षकों का कहना था कि नियमित शिक्षकों की कमी के चलते निजी स्रोतों से रखे गए शिक्षक और शिक्षिकाएं लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उन्हें भी इस योजना में शामिल किया जाना उतना ही जरूरी है जितना किसी अन्य शिक्षक या कर्मचारी को। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ, लुआक्टा आदि कई संगठनों ने सरकार को पत्र भेजकर छूटे हुए शिक्षकों-कर्मचारियों को इस योजना से जोड़ने की अपील की थी। मंगलवार को योगी कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा के शिक्षकों-कर्मचारियों को कैशलेस इलाज सुविधा चिकित्सा बीमा योजना में शामिल किए जाने को मंजूरी से इन संगठनों से जुड़े पदाधिकारी और आम शिक्षक-कर्मचारी खुश हैं।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News और Kanpur News के साथ-साथ UP Board Result 2026 Live, UP Board 10th Result, UP Board 12th Result और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।