
यूपी में अवैध निर्माण को रोकने के लिए ऐक्शन में आए CM योगी, तय हुई जिम्मेदारी, कार्रवाई की चेतावनी भी
यूपी में अवैध निर्माण को रोकने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ऐक्शन में हैं। बैठक में उन्होंने इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की है। इसके साथ ही चेतावनी भी दी। लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार शहरों में अवैध निर्माण पर तेजी से रोक लगाने के लिए अभियंताओं की सीधी जवाबदेही तय करने जा रही है। अवैध निर्माण होने की स्थिति में संबंधित जोन के अभियंताओं की जिम्मेदारी होंगे। इसके साथ ही चेतावनी भी दी। लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बन गई है और जल्द ही अवैध निर्माण रोकने को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश शासन स्तर से जारी करने की तैयारी है।
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ा है। कम भूमि पर ऊंची इमारत हो या फिर आवासीय पर व्यवसायिक निर्माण, इस पर रोक नहीं लग पा रही है। इतना ही नहीं शासन के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी शहरों में अवैध सोसायटियां तेजी से बस रही हैं। इनके निर्माण होने के बाद उसमें लोगों मकान या फ्लैट लेकर फंस जाते हैं। विकास प्राधिकरणों द्वारा कार्रवाई किए जाने के बाद इसमें रहने वालों को अपने साथ धोखा होने का पता चलता है। शहरों में लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माण को लेकर शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की एक बैठक हुई थी।
इसमें बताया किया कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अगस्त माह तक दो लाख से अधिक अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। उच्चाधिकारियों का मानना है कि जब तक इसके जिम्मेदारों की सीधी जवाबदेही नहीं होगी, तब तक इस पर रोक लग पाना संभव नहीं है। इसीलिए यह सहमति बनी है कि अवैध निर्माण होने की स्थिति में संबंधित जोन के प्रभारी अभियंताओं को नोटिस देकर जवाबदेही तय की जाएगी। अभियंताओं द्वारा स्पष्ट जवाब न दे पाने की स्थिति में उनके खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई की जाए।
नोटिस के बाद निर्माण होंगे तुरंत सील
इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि भवन विकास उपविधि के अनुरूप निर्माण न होने की स्थिति में निर्माणकर्ता को तुरंत नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद उसे पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। बिल्डर अवैध निर्माण नहीं रोकता है, तो उसे तुरंत सील कर दिया जाएगा। सील उन्हीं स्थितियों में खोला जाएगा, जब वह अवैध निर्माण तोड़ लेगा या फिर शमन होने की स्थिति में उसे वैध कराएगा। इसके बाद भी अवैध निर्माण नहीं रुकता है, तो विकास प्राधिकरणों द्वारा उसे तोड़ा जाएगा और उसका सारा खर्च संबंधित से लिया जाएगा।





