यहां का सांसद हूं, एक मुल्ला नहीं बोलेगा...सिंचाई विभाग के अफसरों के सामने BJP एमपी के बिगड़े बोल
अलीगढ़ सांसद गौतम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ कोल रजवाहा (नहर) को खाली कराए जाने के मुद्दे पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणी की।

अलीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश गौतम एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। सांसद गौतम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ कोल रजवाहा (नहर) को खाली कराए जाने के मुद्दे पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणी की। कहा कि सांसद हूं यहाँ का, एक मुल्ला नहीं बोलेगा। मामला कोल रजवाहा (नहर) को खाली कराए जाने से जुड़ा है, जिसकी वजह से सिंचाई विभाग के अधिकारियों के जल शक्ति मंत्री की बैठक चल रही थी। बैठक के बाद सांसद ने अधिकारियों के सामने ही अपनी बात रखते हुए विवादित टिप्पणी कर दी। सांसद ने कहा कि यहाँ का सांसद हूँ, एक मुल्ला नहीं बोलेगा। यहाँ एक परिंदा भी जब उड़ेगा जब हमसे इजाजत ले लेगा।
सांसद की इस तरह की भाषा शैली और सांप्रदायिक टिप्पणी को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में आलोचना शुरू हो गई है। विपक्ष ने सांसद के बयान को समाज को बांटने वाला और उनकी संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन बैठक में मौजूद अन्य लोगों के बीच सांसद के बिगड़े बोल चर्चा का विषय बन गए हैं। इससे पहले सांसद मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह की मीटिंग में शामिल हुए।
क्या है पूरा विवाद
दरअसल, विवाद का मुख्य कारण करीब पांच किलोमीटर लंबा कोल रजवाहा है। सांसद का आरोप था कि अधिकारी इस रजवाहे की सफाई या जमीन खाली कराने में कोताही बरत रहे हैं या किसी दबाव में काम कर रहे हैं।
बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं सतीश गौतम
सांसद अपने विवादित बयानों को लेकर पहले भी चर्चाओं में रह चुके हैं। एएमयू के यूनियन हाल में रखी जिन्ना की तस्वीर को पाकिस्तान भेजने के मामले में सुर्खियों में आए थे और आए न आए दिन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर विवादित बयान व टिप्पणियां करते रहते हैं।
रजवाहा पर विशेष समुदाय द्वारा सपा शासन में कब्जे का आरोप
सांसद ने जलशक्ति मंत्री को रजवाहे के संबंध में एक पत्र भी सौंपा। आरोप है कि विधानसभा कोल में कोल रजवाहा निकल रहा है। इस पर विशेष समुदाय द्वारा समाजवादी पार्टी शासनकाल में अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया गया था। इसकी शिकायत भाजपा नेता डॉ. निशित शर्मा जी द्वारा मुख्यमंत्री से शिकायत भी की जा चुकी है। जिसके बाद मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने की अधूरी कार्यवाही करते हुए संबंधित अधिकारियों ने कार्य को लंबित कर दिया। इस कारण लोकसभा के क्षेत्र के किसानों को सिंचाई में व्यवधान उत्पन्न हुआ है और निरंतर जल स्तर गिर रहा है। निरंतर संबंधित अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से शिकायत की जा रही है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


