अब फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' फंसी, निर्माता-निर्देशक समेत चार पर केस दर्ज
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के बाद 'यादव जी की लव स्टोरी' फंस गई है। संभल में इस फिल्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। यादव समुदाय का आरोप है कि फिल्म में उनकी संस्कृति और इतिहास को गलत तरीके से पेश किया गया है।

मनोज वाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के बाद फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फंस गई है। इसके नाम के साथ ही कंटेंट को लेकर विवाद गहरा गया है। फिल्म के शीर्षक और उसके भीतर दर्शाए गए आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर यादव समुदाय ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यादव समाज की तहरीत पर संभल के धनारी थाने में फिल्म के निर्माता, निर्देशक, मुख्य अभिनेता और अभिनेत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। रिलीज से पहले ही यह कानूनी पचड़ों में फंस गई है।
पिछले दिनों फिल्म घूसखोर पंडत का ट्रेलर रिलीज होते ही ब्राह्मण समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। यहां तक कि फिल्म को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सख्त हो गए थे। सीएम योगी के निर्देश पर ही तत्काल एक्शन हुआ और लखनऊ में फिल्म से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
अब यादव जी की लव स्टोरी को लेकर मामला संभल में धनारी थाना क्षेत्र के कस्बा भकरौली के अरविंद कुमार ने दर्ज कराया है। अरविंद ने अपनी तहरीर में फिल्म के ट्रेलर और विज्ञापनों में दिखाए गए दृश्यों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अरविंद का आरोप है कि फिल्म में यादव समुदाय को बेहद गलत और अपमानजनक तरीके से चित्रित किया गया है। तहरीर के अनुसार, फिल्म के संवाद और कुछ विशेष दृश्य समुदाय की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक आस्था को विकृत रूप में पेश करते हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि व्यावसायिक लाभ के लिए एक पूरे समुदाय की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिससे सामाजिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।
निर्माता-निर्देशक समेत चार पर केस दर्ज
तहरीर के आधार पर संभल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फिल्म के निर्माता संदीप तौमर, निर्देशक अंकित भड़ाना, मुख्य अभिनेत्री प्रगति तिवारी और अभिनेता विशाला मोहन के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।
रिलीज पर रोक की मांग और सामाजिक तनाव
इस एफआईआर के बाद फिल्म को लेकर विरोध तेज हो गया है। स्थानीय यादव समुदाय के युवाओं और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर फिल्म की रिलीज पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि विवादित दृश्यों और संवादों को हटाए बिना फिल्म रिलीज की गई, तो इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।
धनारी थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों को भी जुटाया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, फिल्म के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है और लोग सेंसर बोर्ड से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील कर रहे हैं।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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