Hindi NewsUP Newsworld-class temple museum built on 52 acres in Ayodhya, constructed by Tata Sons What will be special features
अयोध्या में 52 एकड़ में बनेगा विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय, टाटा संस करेगी निर्माण, क्या होगा खास

अयोध्या में 52 एकड़ में बनेगा विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय, टाटा संस करेगी निर्माण, क्या होगा खास

संक्षेप:

अयोध्या में माझा जमथरा क्षेत्र में 52 एकड़ भूमि पर एक विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। यह संग्रहालय न केवल आकार में विशाल होगा, बल्कि गुणवत्ता और निर्माण में भी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करेगा।

Dec 02, 2025 09:26 pm ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाने वाले एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। अयोध्या में माझा जमथरा क्षेत्र में 52 एकड़ भूमि पर एक विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। यह संग्रहालय न केवल आकार में विशाल होगा, बल्कि गुणवत्ता और निर्माण में भी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करेगा। कैबिनेट से मिली जानकारी के अनुसार, इस भव्य परियोजना के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी देश की प्रतिष्ठित कंपनी टाटा संस (Tata Sons) को सौंपी गई है। इसका उद्देश्य अयोध्या को केवल तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के ज्ञान और शोध का भी केंद्र बनाना है।

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पांच सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली में मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में तत्कालीन डीएम नितीश कुमार ने इस विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने उस समय निर्देश दिया था कि देश के प्रसिद्ध मंदिरों के इतिहास, निर्माण वास्तुकला को चित्रों भित्ति चित्रों के माध्यम से दर्शाया जाय। उस वक्त इसके दस एकड में बनाए जाने का प्रस्ताव किया गया था। तब से लगातार जिला प्रशासन इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी। कई स्तर पर मंथन के बाद इस प्रोजेक्ट का संवर्धन किया गया। सनातन परंपरा को देश दुनिया के लिए एक परिसर में लाने का प्रयास शुरू हो गया।

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कुल 52 एकड़ में बनेगा संग्रहालय

राममंदिर के बाद अयोध्या के बढ़ते आकर्षण के बाद इसके बेहतर निर्माण व संचालन के लिए टाटा संस को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय निर्णय के लिए ग्राम मांझा जमधरा, तहसील सदर, जनपद अयोध्या की नजूल भूमि पर यह निर्माण किया जाएगा। टाटा संस के सहयोग से सीएसआर फंड के माध्यम से 'विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय' के निर्माण एवं संचालन के लिए एक त्रिपक्षीय एमओयू 03 सितम्बर 2024 को हस्ताक्षरित किया गया। अब 01 रुपए वार्षिक धनराशि पर 90 वर्षों के लिए आवंटित 25 एकड़ भूमि के अतिरिक्त 27.102 एकड़, कुल 52.102 एकड़ का निःशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग के पक्ष में किया जाना है।

देश के मंदिरों के वास्तु, शैली, कला को एक परिसर में लोग देश पाएंगे

देश के प्राचीन मंदिरों की वास्तुकला शैलियों का विकास, सिद्धांतों, क्षेत्रीय शैलियों और साहित्य कलात्मक और ऐतिहासिक रुचियों के वस्तुओं को हमारी भावी पीढ़ी देख समझ पाएगी। यह परियोजना न केवल अयोध्या के सांस्कृतिक वैभव को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगी, बल्कि आधुनिक विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास और आर्थिक प्रगति का एक नया मॉडल भी प्रस्तुत करेगी। यह संग्रहालय अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस और अपने आप में अनूठा होगा। इसमें विरासत से प्रेरित वास्तुकला, समृद्ध पुस्तकालय और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसकी द्रविड़ शैली की संरचना पर्यटकों को विशेष अनुभव देगी।