काम-गिग वर्कर का, सैलरी-12 हजार रुपए महीना; 9 महीने में खाते से हुआ 130 करोड़ का लेन-देन

Ajay Singh संवाददाता, कानपुर
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एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में काम करने वाले गिग वर्कर जिसकी कमाई करीब 12 हजार रुपये महीना है, के खाते में नौ महीने में 130 करोड़ रुपए का लेन-देन हो गया। यह सच जानकर पुलिस भी हैरत में पड़ गई है। पुलिस ने पीड़ित का बैंक खाता किराये पर लेने वाले दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है।

काम-गिग वर्कर का, सैलरी-12 हजार रुपए महीना; 9 महीने में खाते से हुआ 130 करोड़ का लेन-देन

UP News: करीब 12 हजार रुपये महीना कमाने वाले ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के गिग वर्कर के खाते की जांच हुई तो पुलिस भी हैरत में पड़ गई। नौ माह में उसके खाते से 35 करोड़ नहीं बल्कि 130 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। पुलिस ने पीड़ित का बैंक खाता किराये पर लेने वाले दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों में एक बीकॉम का छात्र और दूसरा बीए पास टेनरी कर्मी है। पुलिस को कानपुर, दिल्ली, लखनऊ समेत देश के कई राज्यों की 19 कंपनियों के खातों से लेन-देन मिले हैं। बताया जा रहा कि ये लोग ठगी और जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के लिए काम करते थे। किराये पर लिए गए खातों में ठगी और जीएसटी चोरी की रकम मंगाई जाती थी। दोनों को जेल भेजने के बाद गिरोह के अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि बेकनगंज के पेचबाग निवासी ओवैस का गल्ला का व्यापार था। इसके लिए उसने करंट अकाउंट खुलवाया था। व्यापार में नुकसान होने के बाद वह ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में डिलीवरी मैन का काम करने लगा। इस बीच उसकी मुलाकात बेकनगंज निवासी मो. अमान और चमनगंज निवासी मो. वसीउद्दीन उर्फ सरताज से हुई। दोनों ने विदेश में रहने वाले भाई के खाते से रुपये मंगवाने की बात कहकर औवेस का बैंक खाता किराये पर ले लिया। इसके एवज में ओवैस को हर महीने 20 हजार रुपये देते थे। पीड़ित ने खाते में करीब 35 करोड़ रुपये का लेन-देन होने की जानकारी देकर पुलिस से शिकायत की। जांच की तो नौ माह के अंदर खाते से 130 करोड़ रुपये का लेन-देन मिला। इसके बाद पुलिस मो. अमान और मो. वसीउद्दीन उर्फ सरताज को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि ये लोग कम पढ़े-लिखे लोगों, गरीब और जान पहचान के लोगों को अपने जाल में फंसााते थे। उसके बाद उन्हें हर महीने रुपये दिलाने का झांसा देकर खाता किराये पर ले लेते थे। संबंधित दस्तावेज लेकर खातों का म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करते थे।

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ये हुई बरामदगी

एक लैपटॉप, रुपये गिनने वाली एक मशीन, छह मोबाइल, 28 चेकबुक, 39 हस्ताक्षर किए हुए चेक, 19 एटीएम कार्ड, दो फर्मों के बैनर, दो किरायेदारीनामा, दो एग्रीमेंट, एक सहमति पत्र, तीन आधार कार्ड और दो पैन कार्ड की फोटो कॉपी समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।

बीकॉम छात्र और टेनरीकर्मी बने एजेंट

पुलिस ने बताया आरोपित मो.अमान बीकॉम तृतीय वर्ष का छात्र है, मोहम्मद वसीउद्दीन उर्फ सरताज बीए पास है। दोनों टेनरी में काम करते थे। इस बीच उनकी आपस में मुलाकात हुई। इसके बाद एक गिरोह में शामिल होकर एजेंट का काम करने लगे।

बैंककर्मियों की मिलीभगत संभव

पुलिस ने बताया कि आरोपितों के पास से अलग-अलग बैंकों के चेकबुक, 39 हस्ताक्षर किए हुए चेक, एटीएम कार्ड मिले हैं। पीड़ित ओवैस ने आरोप लगाया कि उसने आरोपितों को जितनी हस्ताक्षर की हुई चेक दी थीं, उससे ज्यादा चेक बैंक में लगाकर रकम निकाली गई है। 130 करोड़ रुपये का लेन-देन होने के बाद भी कोई सूचना न दी जाना बैंककर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल है।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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