रील के लिए सीन क्रिएट करने में महिला ने गंवा दी जान, 4 साल की बेटी का शोर सुन पहुंचे पड़ोसी
27 वर्षीय मोहनी शुक्रवार दोपहर घर पर अकेली थी। उसका पति काम की तलाश में कहीं गया था। मौका देख वह हुक पर रस्सी का फंदा बनाकर मोबाइल से रील बना रही थी। तभी अचानक फंदा कस जाने से उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद कमरे में पहुंची चार वर्षीय बेटी ने मां को फंदे पर लटकते देखा तो चीख पड़ी।

सोशल मीडिया पर रील बनाने का बढ़ता चलन जानलेवा साबित हो रहा है। मेट्रोज से छोटे शहरों, कस्बों और गांवों तक रील बनाने वालों की भरमार में है। इस बीच उत्तर प्रदेश के बांदा के बबेरू कस्बे में शुक्रवार को एक महिला ने रील के लिए सीन क्रिएट करने के चक्कर में जान गंवा दी। महिला फांसी का सीन कर रही थी। तभी अचानक गला कसने से उसकी जान चली गई। चार वर्षीय बेटी ने मां को फंदे पर लटकते देखा तो शोर मचाने लगी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कस्बे के करूइया पुरवा निवासी 27 वर्षीय मोहनी पत्नी जगदीश शुक्रवार दोपहर घर पर अकेली थी। उसका पति काम की तलाश में कहीं गया था। मौका देख वह हुक पर रस्सी का फंदा बनाकर मोबाइल से रील बना रही थी। तभी अचानक फंदा कस जाने से उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद कमरे में पहुंची चार वर्षीय बेटी ने मां को फंदे पर लटकते देखा तो चीख पड़ी। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना पाकर पति भी मौके पर पहुंच गया। पड़ोसियों ने बताया कि वह मोबाइल पर रील बना रही थी। तभी फांसी लग जाने से उसकी मौत हो गई। मृतका की बेटी ने भी पुलिस को बताया कि उसकी मां मोबाइल रील बना रही थी।
मोबाइल देखते देखते उसने फांसी लगा ली। कोतवाली प्रभारी राजेद्र सिंह रजावत ने बताया कि घरवालों ने लिखित में मौत का कारण अज्ञात बताया है। हालांकि बेटी ने बताया कि मां फंदे वाली रील बना रहीं थीं। जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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