लखनऊ में महिला की ई-रिक्शा की टक्कर से मौत; पोस्टमॉर्टम के इंतजार में परिवार की बीती पूरी रात
लखनऊ के मड़ियांव में ड्यूटी से घर लौट रही 40 वर्षीय इंदू को अनियंत्रित ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। ई-रिक्शा उनके ऊपर पलट गया। ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि शव 20 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पुलिस ने चालक पर केस दर्ज कर तलाश शुरू की।

लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र में शुक्रवार शाम ड्यूटी से घर लौट रही 40 वर्षीय महिला की ई-रिक्शा की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद ई-रिक्शा महिला के ऊपर पलट गया। गंभीर हालत में उन्हें पीजीआई ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम में देरी को लेकर परिजनों ने पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। कृष्णा लोक कॉलोनी, फैजुल्लागंज निवासी इंदू अलीगंज स्थित मिडलैंड हॉस्पिटल में काम करती थीं।
महिला पर पलटा ई-रिक्शा, मौके पर मौत
बेटे रमन के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब छह बजे इंदू ड्यूटी खत्म कर सब्जी लेकर घर लौट रही थीं। आजमी डिजिटल के पास चढ़ाई पर पीछे से आए तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से इंदू सिर के बल सड़क पर गिर गईं। इसी दौरान अनियंत्रित ई-रिक्शा पलटकर उनके ऊपर गिर गया। हादसे के बाद मौके पर जुटे लोगों ने एंबुलेंस की मदद से इंदू को पीजीआई ट्रामा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची मड़ियांव पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पूरी रात पोस्टमॉर्टम का इंतजार करते रहे परिजन
परिजनों का आरोप है कि शव शुक्रवार रात करीब आठ बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया था, लेकिन शनिवार दोपहर दो बजे तक पुलिस का पंचनामा नहीं हो सका। इसके चलते पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अटकी रही। परिजनों ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की ओर से पोस्टमार्टम तीन घंटे में कराने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद करीब 18 घंटे बाद भी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। पुलिस ने ई-रिक्शा चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।


