Hindi NewsUP Newswoman along with her lover strangled her four year old daughter and threw her body forest
बच्ची को मरा समझकर जंगल में फेंक गई महिला, होश में आते ही मासूम ने बताई मां और प्रेमी की करतूत

बच्ची को मरा समझकर जंगल में फेंक गई महिला, होश में आते ही मासूम ने बताई मां और प्रेमी की करतूत

संक्षेप:

जिस ममता के दामने में बच्चा अपने आपको सबसे सुरक्षित महसूस करता है, वही ममता एक बच्ची के लिए जानलेवा बन गई। एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर चार साल की बच्ची को पहले बेरमी से पीटा इसके बाद अपने हाथों से उसका गला घोंटा।

Sep 13, 2025 09:56 pm ISTDinesh Rathour हापुड़
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जिस ममता के दामने में बच्चा अपने आपको सबसे सुरक्षित महसूस करता है, वही ममता एक बच्ची के लिए जानलेवा बन गई। एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर चार साल की बच्ची को पहले बेरमी से पीटा इसके बाद अपने हाथों से उसका गला घोंटा और मरा समझकर उसे जंगल में फेंक दिया। पर जाको रखे साइयां मार सके न कोय वाली कहावत इस बच्ची पर चरितार्थ हुई और बच्ची जिंदा बच गई। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल बच्ची को उपचार के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द किया गया, जहां से उसे वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है।

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सोमवार रात को ब्रजघाट के जंगल क्षेत्र में बच्ची होश में आई और एक चाय के खोके पर पहुंच गई। शरीर पर चोटों के निशान थे और वह दर्द से कराह रही थी। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। पूछताछ के दौरान मासूम ने रोते हुए बताया कि उसकी मां अक्सर कहती थी कि उसके दो पापा हैं। सोमवार को मां, दूसरे पापा के साथ उसे जंगल में लेकर आई और मारा-पीटा, फिर दोनों ने गला दबा दिया। बच्ची के बेसुध होने पर उसे मृत समझकर दोनों वहीं छोड़कर भाग गए। इस खुलासे से पुलिस भी सन्न रह गई। घटना की जानकारी पर सीडब्ल्यूसी की टीम को बुलाया गया। वहां से बच्ची को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है, जहां उसे सुरक्षित माहौल और परामर्श दिया जा रहा है। फिलहाल बच्ची का उपचार जारी है। पुलिस ने बच्ची के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अभिषेक त्यागी ने बताया कि बच्ची द्वारा दिए गए बयान को दर्ज कर लिया गया है। वह कोई पता सही ढंग से नहीं बता पा रही है। सिर्फ मेरठ क्षेत्र का नाम ले रही हैं। उन्होंने बताया कि 60 दिन तक बच्ची को वन स्टॉप सेंटर में रखा जाएगा। यदि उसके अभिभावक नहीं आते हैं तो मेरठ में स्थित सरकारी संस्था में बच्ची को सुरक्षित ढंग से भेज दिया जाएगा।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour
दिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। डिजिटल और प्रिंट जर्नलिज्म में 13 साल से अधिक का अनुभव है। लंबे समय तक प्रिन्ट में डेस्क पर रहे हैं। यूपी के कानपुर, बरेली, मुरादाबाद और राजस्थान के सीकर जिले में पत्रकारिता कर चुके हैं। भारतीय राजनीति के साथ सोशल और अन्य बीट पर काम करने का अनुभव। इसके साथ ही वायरल वीडियो पर बेहतर काम करने की समझ है। और पढ़ें
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