Hindi NewsUP NewsWill there be a Maha Kumbh-like rush on the Magh Mela's Mauni Amavasya? Airfares skyrocket
माघ मेले की मौनी अमावस्या पर होगी महाकुंभ जैसी मारामारी? आसमान पर विमानों का किराया

माघ मेले की मौनी अमावस्या पर होगी महाकुंभ जैसी मारामारी? आसमान पर विमानों का किराया

संक्षेप:

महाकुंभ की तरह माघ की मौनी अमावस्या पर भी प्रयागराज में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना अभी से दिख रही है। 18 जनवरी को पड़ रही मौनी अमावस्या पर प्रयागराज आने और यहां से जाने का विमानों का किराया अभी से आसमान पर पहुंच गया है।

Nov 20, 2025 08:24 am ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता
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माघ मेला 2026 में मौनी अमावस्या (18 जनवरी) के मुख्य स्नान पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। पिछले महाकुंभ की तरह इस बार भी संगम तट पर रिकॉर्ड भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी झटका लगा है। एयरलाइंस कंपनियों ने मौके का फायदा उठाते हुए दिल्ली-प्रयागराज रूट पर हवाई किराए को लगभग चार गुना तक बढ़ा दिया है।

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सामान्य दिनों में दिल्ली से प्रयागराज की एकतरफा उड़ान का न्यूनतम किराया मात्र 4,951 रुपये होता है, लेकिन मौनी अमावस्या से ठीक एक दिन पहले यानी 17 जनवरी 2026 को यही किराया 17,530 रुपये तक पहुंच गया है। वापसी का टिकट भी कोई राहत नहीं दे रहा है। प्रयागराज से दिल्ली का किराया 10,000 रुपये के पार चला गया है। श्रद्धालु बताते हैं कि स्नान से पहले पहुंचने और स्नान के बाद वापस लौटने की दोनों तारीखों पर एयरलाइंस ने किराए में भारी इजाफा किया है।

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भीड़ का असर केवल दिल्ली रूट तक सीमित नहीं है। दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं को भी महंगा पड़ रहा है। बेंगलुरु से प्रयागराज का सामान्य किराया 7,809 रुपये है, जो 17 जनवरी को बढ़कर 12,353 रुपये हो गया। वापसी में 18 जनवरी को प्रयागराज से बेंगलुरु का टिकट 8,388 रुपये से ऊपर चला गया है। इसी तरह हैदराबाद-पटना रूट पर भी किराया 8,787 रुपये से बढ़कर 10,508 रुपये (आने) और वापसी में 9,206 रुपये तक पहुंच गया है।

हालांकि मुंबई रूट पर यात्रियों को कुछ राहत मिली है। मुंबई से प्रयागराज और वापसी दोनों तरफ किराए में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है, जो सामान्य दिनों से ज्यादा नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई रूट पर पहले से अधिक फ्लाइट्स होने के कारण सप्लाई ज्यादा है, इसलिए कीमतें नियंत्रित रहीं।

वर्तमान में प्रयागराज एयरपोर्ट (बमरौली) से केवल छह शहरों – दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, भुवनेश्वर और कुछ अन्य के लिए सीमित उड़ानें ही उपलब्ध हैं। दिल्ली रूट पर तो रोजाना फ्लाइट भी नहीं है। मेले के दौरान अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने की मांग लंबे समय से उठ रही है। प्रशासन और विमानन कंपनियों से उम्मीद है कि मौनी अमावस्या से पहले फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाई जाएगी, वरना हवाई मार्ग से आने वाले लाखों श्रद्धालु परेशान होंगे।

श्रद्धालुओं का कहना है कि महाकुंभ 2025 की तरह इस बार माघ मेले में भी अभूतपूर्व भीड़ आएगी। ऐसे में ट्रेनों के बाद अब हवाई किराए की मारामारी आम यात्री की जेब पर भारी पड़ रही है। कई लोग पहले से बुकिंग कराने की सलाह दे रहे हैं, वरना अंतिम समय में टिकट मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।