
अखिलेश यादव का क्यों सस्पेंड हुआ था फेसबुक पेज, खुद सपा प्रमुख ने बताया कारण
संक्षेप: अखिलेश यादव का फेसबुक पेज16 घंटे बाद एक्टिव हो गया। सपा ने जहां इसे सत्ता पक्ष की साजिश बताई। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि ये एक्शन गवर्नमेंट की ओर से नहीं बल्कि फेसबुक की ओर से लिया गया था। वहीं, सपा चीफ ने मीडिया के सामने इसकी वजह बताई।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का फेसबुक पेज आखिरकार 16 घंटे बाद बहाल हो गया। सपा ने इसे सत्ता पक्ष की साजिश बताई। वहीं, फेसबुक पेज एक्टिव होने के बाद एक पोस्ट की गई। जिसमें जेपीएनआईसी स्थित लोकनायक जनप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माला थी। हालांकि सपा प्रमुख ने कहा कि उन्हें बताया कि कि ‘Adult Exploitation' को लेकर आपत्ति थी।

लखनऊ में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने बताया, "मुझे पता चला कि मेरा मेटा (फेसबुक) अकाउंट सस्पेंड किया गया है क्योंकि कुछ आपत्तियां थीं। मुझे बताया गया कि आपत्ति वयस्क यौन शोषण और हिंसा को लेकर थी। जब मुझे पूरी रिपोर्ट मिली तो उसमें बलिया की एक युवती के बारे में पोस्ट थे वह सच्ची घटना थी। एक और पत्रकार की हत्या के बारे में भी पोस्ट था। उसमें मैंने लिखा था कि एक पत्रकार की हत्या पत्रकार पर दबाव बनाना, पत्रकार पर एफआईआर लगाना, पत्रकारों को निवस्त्र करके मारना, भाजपा राज में मीडिया के मनोबल के एनकाउंटर का हर हथकंडा अपनाया जा रहा। इसमें क्या गलत है? हम समझ गए हैं कि जितना हम ज़मीन पर काम करेंगे, हमारी लड़ाई उतनी ही सफल होगी और इसलिए हम ज़मीन पर ही काम करेंगे।"
एकाउंट सस्पेंड में फेसबुक ने लिया है, सरकार ने नहीं: वैष्णव
वहीं, मेटा द्वारा अकाउंट सस्पेंड किए जाने को लेकर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि यह कार्रवाई फेसबुक द्वारा की गई है। इसमें गवर्नमेंट की कोई भूमिका नहीं है। उनके अकाउंट से अपमानजनक पोस्ट किया गया था। जिसके कारण फेसबुक ने अपनी नीतियों के अनुसार यह निर्णय लिया है।
अखिलेश यादव के फेसबुक अकाउंट सस्पेंड होने पर बिफरे सपा नेता
अखिलेश यादव का फेसबुक अकाउंट सस्पेंड होने पर पार्टी नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधा था।सपा नेता फखरुल हसन चांद ने एक्स पर लिखा, "देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी का फेसबुक अकाउंट सस्पेंड करना लोकतंत्र पर हमला है। भाजपा सरकार ने देश में अघोषित आपातकाल लगा दिया है, जहां वह विपक्ष में उठने वाली हर आवाज को दबाना चाहती है। समाजवादी पार्टी भाजपा की जनविरोधी नीतियों का विरोध करती रहेगी।"





