
यूपी के इस जिले में मदरसा और मस्जिद पर क्यों चला बुलडोजर? निर्माण ध्वस्त
यूपी के गोंडा जिले में सरकारी स्कूल की जमीन पर बने मदरस और मस्जिद पर बुलडोजर ऐक्शन हुआ है। प्रशासन की टीम ने एसडीएम की मौजूदगी में बुलडोजर से मदरसे के अवैध हिस्सों को जमींदोज किया गया है।
यूपी के गोंडा जिले में सोमवार को तरबगंज तहसील के बरौली गांव में प्रशासन ने सरकारी स्कूल की जमीन पर बने अवैध मदरसे और मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की टीम ने एसडीएम की मौजूदगी में बुलडोजर से मदरसे के अवैध हिस्सों को जमींदोज किया। इस दौरान प्रशासन की कार्रवाई को देखने के लिए भारी संख्या में लोग जुटे रहे।
कई साल पहले बरौली बरजोर नगर स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर मदरसा व मस्जिद का निर्माण कर लिया गया था। प्रशासन के कई बार चेतावनी और नोटिस देने के बावजूद मदरसा संचालकों द्वारा कब्जा खाली नहीं किया गया, जिसके बाद डीएम के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। तरबगंज एसडीएम विश्वामित्र ने बताया कि जिस जगह पर मदरसा और मस्जिद का निर्माण किया गया था, वह भूमि मूल रूप से सरकारी स्कूल के लिए आवंटित थी। प्राथमिक विद्यालय की भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। कई बार निर्देश देने के बावजूद अवैध कब्जा हटाया नहीं गया। इसलिए नियमानुसार ध्वस्तीकरण कराया गया है। मदरसा संचालक के खिलाफ भी नियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
बताया जाता है कि अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश पहले से ही जारी था। मदरसे का बड़ा हिस्सा स्कूल की जमीन पर बना हुआ था। जितना भाग सरकारी स्कूल का है, उसी पर कार्रवाई की गई है। वहीं उमरी बेगमगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक गोविंद राम ने बताया कि भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति ने यदि सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है तो वह स्वयं कब्जा हटा ले अन्यथा प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।

लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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