लेखपाल की मौत में अफसर पर क्यों नहीं हुई एफआईआर? SIR पर अखिलेश का सरकार पर हमला
अखिलेश यादव अचानक मृतक लेखपाल के खजुहा कस्बे स्थित घर पहुंचे। परिजनों से करीब आधे घंटे तक मुलाकात करने के बाद सपा प्रमुख ने एसआईआर के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। कहा कि लेखपाल की मौत में अफसर पर एफआईआर क्यों नहीं हुई ?
यूपी में एसआईआर के काम के दबाव में जान देने वाले लेखपाल के मामले में सियासत तेज हो गई है। शुक्रवार देर शाम सपा प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अचानक मृतक लेखपाल के खजुहा कस्बे स्थित घर पहुंचे। परिजनों से करीब आधे घंटे तक मुलाकात करने के बाद सपा प्रमुख ने एसआईआर के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। लेखपाल की मौत में एसडीएम पर मुकदमा न दर्ज होने के सवाल पर कहा कि अधिकारी सरकार के हैं मतलब भाजपा के हैं। लेखपाल की मौत में अफसरों पर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज हुई?
कानपुर देहात में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में आए सपा प्रमुख अखिलेश यादव अचानक देर शाम फतेहपुर के खजुहा कस्बे पहुंच गए। उन्होंने मृतक लेखपाल सुधीर के घर पहुंच कर परिजनों से मुलाकात की। परिवार को पार्टी फंड की ओर से दो लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ की परिवार को न्याय दिलाने के लिये हर संभव मदद का भरोसा दिया। परिजनों से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वोटर लिस्ट निष्पक्ष बननी चाहिए, लेकिन भाजपा लगातार साजिश रच रही है। बिहार चुनाव में भी भाजपा ने यही किया। एसआईआर का डेटा यह बताता है कि जहां वोट काटे गए हैं वहीं विपक्ष हारा है। ममता बनर्जी को टारगेट किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यूपी में एसआईआर में दबाव बनाया जा रहा है। जानबूझकर शादियों, त्योहारों के समय में चुनाव आयोग ने भाजपा से मिलकर तारीखें तय की। लेखपाल सुधीर पर उच्च अधिकारियों ने काम का दबाव बनाया। निलंबन की चिट्ठी दिखा दी। मां ने अपना बेटा खोया, बहन ने अपने भाई को खोया है। ऐसा भाई जिसकी शादी होने जा रही थी। बीएलओ दबाव में काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी होकर झूठ का सहारा ले रहे हैं। सनातन सत्य का रास्ता बताता है। पीडीए का वोट काटना इनका लक्ष्य है। दलितों, पिछड़ो और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है। जितने भी बीएलओ मरे हैं उनके लिये लोकसभा में आवाज उठाएंगे। एक करोड़ का मुआवजा और परिजनों को सरकारी नौकरी और सरकारी योजनाओं के लाभ दिलाने की मांग करेंगे।

लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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