
अपर्णा यादव के समर्थकों पर FIR न होने से नाराज KGMU के डॉक्टर की हड़ताल क्यों टली? जानें
लखनऊ में केजीएमयू के कुलपति और मुख्यमंत्री के मुलाकात के बाद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के समर्थकों पर मुकदमा दर्ज कराने के मसले पर प्रस्तावित हड़ताल एक दिन के लिए टाल दी गई। दरअसल, समर्थकाें पर मुकदमा नहीं दर्ज होने पर नाराज डॉक्टर और स्टाफ ने हड़ताल का ऐलान किया था।
लखनऊं में केजीएमयू कुलपति की मुख्यमंत्री योगी से भेंट के बाद कुलपति कार्यालय में उपद्रव करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर प्रस्तावित डॉक्टर-कर्मचारियों की हड़ताल टल गई है। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के समर्थकों पर मुकदमा दर्ज कराने के मसले पर प्रस्तावित हड़ताल एक दिन के लिए टाल दी गई। केजीएमयू कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की। नौ जनवरी को केजीएमयू कुलपति कार्यालय में हुए उपद्रव की सिलसिलेवार जानकारी दी। सीएम योगी ने धर्मांतरण प्रकरण और उसके नेटवर्क का पता लगाने के लिए एसटीएफ से जांच कराने की बात कही।
आपको बता दें कि केजीएमयू के डॉक्टर और कर्मचारियों का आरोप है कि अपर्णा के समर्थकों ने केजीएमयू परिसर में अमर्यादित व्यवहार किया और काम में बाधा डाली। डॉक्टरों-कर्मचारियों का कहना है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई ठोस ऐक्शन नहीं लिया है। सोमवार को केजीएमयू के शिक्षकों के साथ ही सभी पांचों संगठनों ने मंगलवार से हड़ताल की घोषणा की। इसके बाद केजीएमयू के कुलपति और मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद हड़ताल एक दिन के लिए टल गई है।
रमीज पर यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप
केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग में तैनात रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर महिला रेजिडेंट डॉ. ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया था। धर्मांतरण न करने पर रमीज ने शादी से इनकार कर दिया था। इससे त्रस्त होकर महिला डा. ने खुदकुशी की कोशिश की थी। पीड़िता पश्चिम बंगाल के हावड़ा की रहने वाली है। उसने यह भी आरोप लगाया था कि आगरा की रहने वाली एक महिला डॉ. को भी प्रेम जाल में फंसाकर उसका शोषण किया था। फिर धर्मांतरण कराकर रमीज ने उससे फरवरी 2025 में निकाह किया था। धर्मांतरण के विरोध पर उसका दो बार गर्भपात कराया। वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। इस संबंध में पीड़िता की तहरीर पर चौक कोतवाली में पुलिस ने डॉक्टर रमीज के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने, धमकी देने, धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में आगरा की महिला डॉ. ने भी कोर्ट में बयान देकर उक्त आरोपों की पुष्टि की थी। इसके बाद पुलिस ने उसके द्वारा दिए गए साक्ष्य और तथ्यों को मुकदमे की विवेचना में शामिल कर दिया था।

लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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