ट्रेन देखते ही क्यों खो देता था आपा? वंदे भारत और शताब्दी पर पथराव करने वाले तालिब ने बताई चौंकाने वाली वजह
शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर मारने के मामले में पकड़े गए आरोपी तालिब को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने करीब साढ़े तीन महीने पहले भी वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर मारा था। पूछताछ के दौरान तालिब ने पत्थर मारने के पीछे जो वजह बताई, वह हैरान कर देने वाली है।

UP News: कानपुर से नई दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर मारने के मामले में पकड़े गए आरोपी तालिब को पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने करीब साढ़े तीन महीने पहले भी वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर मारा था। तब भी उसे जेल भेजा गया था। वहीं, करीब एक महीने पहले वह जेल से छूटकर आया और फिर से ये घटना कर दी। पूछताछ के दौरान तालिब ने पत्थर मारने के पीछे जो वजह बताई, वह हैरान कर देने वाली है। दरअसल, आरोपी के पिता की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी तो ट्रेन को देखते ही वह आपा खो बैठता है।
शनिवार सुबह 9:22 बजे मालगोदाम के पास शताब्दी एक्सप्रेस की सी-08 कोच की खिड़की पर पत्थर आकर लगा था। इससे एक महिला यात्री के ठीक बगल वाली खिड़की का शीशा टूट गया। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम सक्रिय हो गई और छानबीन शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले। आसपास के लोगों से पूछताछ भी की गई तो पता चला कि क्वार्सी क्षेत्र के मौलाना आजाद नगर निवासी 22 वर्षीय तालिब पुत्र साकिर घटना से पहले वहां घूम रहा था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल लिया। बताया कि ट्रेन को देखते ही उससे रुका नहीं गया। पास में पड़ा पत्थर उठाकर सीधे ट्रेन पर फेंका। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर आरपीएफ अजीत तिवारी ने बताया कि रविवार को आरोपी को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया।
सात माह में तीसरी बार जेल भेजा गया आरोपी
जानकारी के मुताबिक तालिब नशेड़ी किस्म का है। कूड़ा बीनने का काम करता है। पिता की मौत हो चुकी है। मां किराये पर रहती हैं। 16 नवंबर की सुबह मालगोदाम के पास दिल्ली-हावड़ा ट्रैक के किनारे सिलेंडर मिला था। इस मामले में भी पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए आरोपी तालिब को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। तब उसने बताया था कि मालगोदाम के पास एक ट्रक से सिलेंडर चोरी किया था। उसे ले जाने के दौरान वह दोनों ट्रैक के बीच में था। दोनों ट्रैक पर ट्रेन आ गई तो वह हड़बड़ा गया और सिलेंडर को फेंककर भाग गया था।
इस घटना में एक माह में वह जेल से बाहर आ गया। इसके बाद इसी साल फरवरी में उसने फिर से अलीगढ़ क्षेत्र से गुजर रही वंदे भारत पर पत्थर फेंककर मारा था। इसमें भी आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अभी मई में ही वह जेल से छूटा है। इस तरह सात माह में आरोपी को तीसरी बार जेल भेजा गया है।


