कौन था विपुल? जिसे मारकर UP STF ने किया 21 साल के खौफ का अंत
Encounter in Uttar Pradesh: विपुल पिछले 21 साल से खूनी खेल खेल रहा था। वह शामली में साल 2014 में हुए हत्याकांड में वादी, गवाहों को धमकी दे रहा था। विपुल सुपारी लेकर हत्या करने का काम भी करता था। वह शामली के कांधला थाने के गांव भभीसा का रहने वाला था। विपुल के खिलाफ 38 मुकदमे दर्ज थे।

Encounter in Uttar Pradesh: अपराध की दुनिया में खौफ का पर्याय बने सुशील मूंछ गैंग के शार्प शूटर विपुल उर्फ खूनी को शनिवार को मेरठ एसटीएफ और बागपत पुलिस ने मार गिराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विपुल उर्फ खूनी ने 2005 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और लूट, हत्या, अपहरण, रंगदारी, जानलेवा हमले समेत विभिन्न संगीन अपराधों को अंजाम दिया। विपुल पर पहला मुकदमा शामली के कांधला थाने में वर्ष 2005 में दर्ज किया गया। इसके बाद दिल्ली, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और सहारनपुर में 38 मुकदमे आरोपी पर दर्ज हुए थे। इनमें एक मुकदमा दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने भी दर्ज किया था। इनमें लूट, हत्या और सुपारी लेकर कत्ल करने जैसे संगीन अपराध शामिल थे।
गवाहों को धमकी दे रहा था विपुल
शामली में साल 2014 में हुए हत्याकांड में विपुल वादी, गवाहों को धमकी दे रहा था और रंगदारी मांग रहा था। आरोपी सुपारी लेकर हत्या करने का काम भी करता था। प्रकरण में शामली पुलिस को सूचना दी गई है। अपराधी विपुल उर्फ खूनी पुत्र नेत्रपाल सिंह शामली के कांधला थाने के गांव भभीसा का रहने वाला था। विपुल की कांधला थाने में हिस्ट्रीशीट 24-ए खुली हुई थी। वह कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का सदस्य रहा है। आरोपी ने सुशील मूंछ के कहने पर कई वारदात अंजाम दी थी। इसके खिलाफ 38 मुकदमे अलग अलग जिलों के थानों में दर्ज थे।
विपुल ने 14 जुलाई 2014 को अपने ही गांव में अशोक पुत्र सुखबीर के भाई पवन की हत्या कर दी थी। इस संबंध में मुकदमे का ट्रायल कोर्ट में चल रहा है और आरोपी विपुल जमानत पर जेल से बाहर आया था। फिलहाल विपुल कोर्ट में तारीख पर नहीं जा रहा था और उसके वारंट जारी हुए थे। आरोपी विपुल वादी और गवाहों को भी धमकी दे रहा था। साथ ही मुकदमा वादी अशोक को ही धमकी देकर उससे रंगदारी मांग रहा था। इसी को लेकर शामली पुलिस ने विपुल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। शामली पुलिस आरोपी की तलाश में लगी थी और दूसरी ओर, एसटीएफ भी कार्रवाई कर रही थी।
ऐसे हुआ खौफ का अंत
एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने बागपत के सिंघावली अहीर में शनिवार शाम को विपुल को घेर लिया। विपुल ने एसटीएफ पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में विपुल को तीन गोलियां लगी। अस्पताल में विपुल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सिंघावली अहीर थाने में घटना को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल शामली पुलिस को एनकाउंटर की सूचना दी गई है।
विपुल के पास मिले दो पिस्टल और कारतूस
एनकाउंटर में मारे गए विपुल के पास से पुलिस ने एक बाइक, दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। विपुल सुपारी लेकर हत्या करने का काम भी करता था। विपुल की शामली के कांधला थाने में हिस्ट्रीशीट 24-ए खुली हुई थी।
इन वारदातों को भी दिया था अंजाम
-2014 में कांधला थानाक्षेत्र के गांव एलम में कुख्यात बदमाश भीम भभीसा को आलम गांव में उसकी परिचित महिला मित्र के घर बुलाकर लोहे के रोड से मारकर हत्या कर दी थी। वारदात में विपुल के बुआ के बेटे सुमित और अमित भी शामिल रहे थे।
-2017 में विपुल ने अपनी बहन की ससुराल मानपुर में एक गाड़ी लूटी थी। इसी मामले में मुखबिरी के शक में मानपुर की महिला प्रधान की घर में घुसकर हत्या कर दी थी।


