बांके बिहारी मंदिर में VVIP मूवमेंट के दौरान बवाल, पुलिस ने सेवायतों को खदेड़ा

Jan 26, 2026 02:59 pm ISTPawan Kumar Sharma वार्ता, मथुरा
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बांके बिहारी मंदिर में रविवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन से पहले प्रशासन ने मंदिर के सेवायत गोस्वामियों और उनके परिवार की महिलाओं को प्रवेश से रोक दिया। इससे गुस्साए गोस्वामी समाज ने मंदिर परिसर में जमकर हंगामा किया।

बांके बिहारी मंदिर में VVIP मूवमेंट के दौरान बवाल, पुलिस ने सेवायतों को खदेड़ा

वृंदावन के ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में रविवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन से पहले प्रशासन ने मंदिर के सेवायत गोस्वामियों और उनके परिवार की महिलाओं को प्रवेश से रोक दिया। सुरक्षा के नाम पर अपनों को ही रोके जाने से गुस्साए गोस्वामी समाज ने मंदिर परिसर में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग कर उन्हें वहां से हटाना पड़ा।

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रविवार को अक्षयपात्र में प्रधानमंत्री की 'मन की बात' कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी बांके बिहारी मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे। प्रशासन ने वीवीआईपी सुरक्षा का हवाला देते हुए आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ मंदिर के सेवायत गोस्वामियों का प्रवेश भी बंद कर दिया।

मंदिर में दर्शन के लिए जा रही गोस्वामी परिवार की महिलाओं को जब गेट पर रोका गया, तो उनका धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित महिलाओं ने परिक्रमा मार्ग में प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस कार्रवाई को पूरी तरह 'अवैधानिक' करार दिया। महिलाओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को प्रशासनिक हठधर्मिता बताते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा

मंदिर परिसर के भीतर गोस्वामी समाज के विरोध को देखकर प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में अफसरों ने उन्हें समझाकर शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब मामला बिगड़ता दिखा, तो पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया।

मंदिर की परंपराओं में सेवायत गोस्वामियों का स्थान प्रमुख होता है। ऐसे में उन्हें और उनके परिवार को प्रवेश से रोकना प्रशासन की प्रबंधन क्षमता पर सवाल उठाता है। मुख्यमंत्री के कई दौरों के बावजूद इस बार का विवाद यह दर्शाता है कि स्थानीय प्रशासन और मंदिर के बीच तालमेल की भारी कमी रही।

भक्ति और सुरक्षा के बीच इस टकराव ने दर्शनार्थियों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान मंदिर की आंतरिक व्यवस्था और सेवायतों के सम्मान को ठेस न पहुंचे।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma

पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।

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